UAE में रहने वाले भारतीयों को पासपोर्ट सेवाओं के लिए लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 14 जुलाई 2026 तक Alhind Tours & Travels LLC द्वारा स्थापित 16 भारतीय कांसुलर आवेदन केंद्र (ICAC) अभी भी शुरू नहीं हो सके हैं। इसकी मुख्य वजह भारत में चल रहा कानूनी विवाद है, जिसके कारण पासपोर्ट और वीजा सेवाओं का काम नई कंपनी को सौंपने में रुकावट आ गई है।
पासपोर्ट सेवा के नियमों में बदलाव
दुबई और अबू धाबी स्थित भारतीय मिशनों ने अब पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए वॉक-इन सुविधा बंद कर दी है। 10 जुलाई 2026 के नोटिस और 13 जुलाई 2026 की घोषणा के बाद अब पासपोर्ट संबंधी सभी काम केवल अपॉइंटमेंट के आधार पर ही किए जा रहे हैं। पहले वॉक-इन की सुविधा दी गई थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से अब इसे बदल दिया गया है।
बढ़े हुए शुल्क की जानकारी
पासपोर्ट सेवाओं के लिए फीस में भी बदलाव किया गया है। अब सामान्य वयस्क पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए AED 450 और तत्काल सेवा के लिए AED 900 का शुल्क देना होगा, जबकि पहले यह सामान्य नवीनीकरण के लिए AED 285 था। कानूनी विवाद की शुरुआत 24 जून 2026 को सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा ‘स्टेटस को’ ऑर्डर जारी करने से हुई, जिसने Alhind Tours & Travels LLC को कॉन्ट्रैक्ट मिलने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
Alhind Tours & Travels LLC का कहना है कि वे अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अदालती कार्यवाही पूरी होने के बाद आधिकारिक मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल, भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास ही सीमित आधार पर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
