मदीना की मस्जिद-ए-नबवी में एक भारतीय हाजी की जान बाल-बाल बची है। प्रार्थना के दौरान अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा, लेकिन सऊदी अरब की मेडिकल टीम ने समय रहते उनकी जान बचा ली। अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपनी हज की यात्रा पूरी करेंगे।
मस्जिद-ए-नबवी में कैसे बची भारतीय हाजी की जान?
जानकारी के मुताबिक 60 साल के एक भारतीय हाजी को मस्जिद-ए-नबवी के बीच वाले आंगन में अचानक कार्डियक अरेस्ट हुआ। वहां मौजूद मेडिकल फील्ड टीम ने बिना समय गंवाए तुरंत एक्शन लिया और उन्हें बिजली का झटका (defibrillation) दिया, जिससे उनकी धड़कन वापस आ गई। इसके बाद उन्हें तुरंत एम्बुलेंस के जरिए मदीना के Heart Diseases and Surgery Center ले जाया गया।
अस्पताल में क्या इलाज हुआ और अब क्या है हालत?
अस्पताल पहुंचने पर उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने इमरजेंसी कार्डियक कैथेटराइजेशन किया। जांच में पता चला कि उनकी मुख्य कोरोनरी आर्टरी में खून का एक खतरनाक थक्का जमा था। मेडिकल टीम ने सफलतापूर्वक उस आर्टरी को खोलकर वहां स्टेंट (stent) लगाया, जिससे खून का बहाव फिर से सामान्य हो गया। इलाज के बाद उन्हें वेंटिलेटर से हटाया गया और अब वह पूरी तरह ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं।
हज यात्रा के दौरान अब स्मार्टवॉच करेगी सेहत का ख्याल
मदीना हेल्थ क्लस्टर और वर्चुअल सेहत हॉस्पिटल ने इस हाजी के लिए “Your Hajj Companion” प्रोजेक्ट के तहत खास इंतजाम किए हैं। अब उनकी सेहत की निगरानी एक स्मार्टवॉच के जरिए की जाएगी। यह घड़ी उनकी धड़कन और अन्य जरूरी संकेतों की जानकारी सीधे मेडिकल स्टाफ तक पहुंचाएगी, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारतीय हाजी को मस्जिद-ए-नबवी में क्या समस्या हुई थी?
भारतीय हाजी को मस्जिद के आंगन में अचानक कार्डियक अरेस्ट (acute ventricular fibrillation) हुआ था, जिसे मौके पर ही बिजली का झटका देकर नियंत्रित किया गया।
Your Hajj Companion प्रोजेक्ट क्या है?
यह एक डिजिटल हेल्थ प्रोग्राम है जिसमें स्मार्टवॉच के जरिए हाजियों के स्वास्थ्य और महत्वपूर्ण संकेतों की रियल-टाइम निगरानी की जाती है ताकि उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।
