पश्चिम एशिया में तनाव और Strait of Hormuz की वजह से भारतीय बंदरगाहों पर सामान का अंबार लग गया था। अब केंद्रीय मंत्री Sarbananda Sonowal ने इस स्थिति को संभाल लिया है और करीब 90% कार्गो बैकलॉग को क्लियर कर दिया गया है। सरकार ने व्यापारियों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को बड़ी राहत देने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।

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व्यापारियों और एक्सपोर्टर्स को क्या राहत मिली

मंत्री Sarbananda Sonowal ने साफ कहा है कि इस संकट का फायदा उठाकर कोई मुनाफाखोरी नहीं करेगा। उन्होंने पोर्ट अथॉरिटी को आदेश दिया है कि ग्राउंड रेंट में छूट और रीफर चार्जेस में रियायत का लाभ सीधे स्टेकहोल्डर्स तक पहुँचाया जाए। साथ ही, DG Shipping को शिपिंग चार्जेस में पूरी पारदर्शिता रखने को कहा गया है ताकि व्यापारियों के हितों की रक्षा हो सके।

किन बंदरगाहों पर हुआ काम और क्या है ताजा अपडेट

सरकार की निगरानी और बेहतर प्लानिंग की वजह से बड़े बंदरगाहों पर फंसे हुए सामान को तेजी से निकाला गया है। 10 अप्रैल 2026 को हुई समीक्षा बैठक में बंदरगाहों की स्थिति पर चर्चा की गई।

विवरण अपडेट/जानकारी
प्रमुख बंदरगाह Jawaharlal Nehru Port, Deendayal Port, New Mangalore Port और Mumbai Port
क्लियर किया गया कार्गो कुल बैकलॉग का लगभग 90% हिस्सा
तारीख शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026
शिपिंग स्थिति Ceasefire के बाद केवल 10 जहाज Strait of Hormuz पार कर पाए
मुख्य निर्देश ग्राउंड रेंट माफी और पारदर्शी शिपिंग चार्जेस
नया सिस्टम शिकायतों के निपटारे के लिए Grievance Redressal सिस्टम को मजबूत किया गया

वैश्विक हालात का भारत पर असर

पश्चिम एशिया के हालात की वजह से शुरू में जहाजों की आवाजाही और कार्गो मूवमेंट काफी प्रभावित हुआ था। हालांकि, सरकार के प्रोएक्टिव कदमों से अब व्यापार पर असर कम हो गया है। लेकिन दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंता अब भी बनी हुई है क्योंकि Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की संख्या सामान्य से बहुत कम है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.