भारतीय रेलवे ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.53 लाख करोड़ रुपये की लागत वाले 100 बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इस कदम से देश के दूर-दराज के इलाकों और उन क्षेत्रों तक रेल लाइन पहुंचेगी जहां अभी तक कोई सुविधा नहीं थी। यह पूरा विस्तार PM Gati Shakti National Master Plan के तहत किया जाएगा।

किन राज्यों और प्रोजेक्ट्स पर रहेगा खास जोर?

रेल मंत्रालय ने बताया कि इस बार महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों पर ज्यादा ध्यान दिया गया है क्योंकि यहां माल ढुलाई और यात्रियों की संख्या ज्यादा है। इस योजना के जरिए रेलवे नेटवर्क का 6,000 किलोमीटर से ज्यादा विस्तार होगा। इसमें नई लाइन बिछाने, डबलिंग और मल्टीट्रैकिंग जैसे काम शामिल हैं।

राज्य/प्रोजेक्ट विवरण/लागत
Maharashtra 17 प्रोजेक्ट्स
Bihar 11 प्रोजेक्ट्स
Jharkhand 10 प्रोजेक्ट्स
Madhya Pradesh 9 प्रोजेक्ट्स
Kasara–Manmad (3rd & 4th line) ₹10,150 करोड़
Kharsia–Naya Raipur (5th & 6th line) ₹8,740 करोड़
Itarsi–Nagpur (4th line) ₹5,450 करोड़
Secunderabad–Wadi (3rd & 4th line) ₹5,000 करोड़

आम यात्रियों और व्यापार को क्या फायदा होगा?

इस बड़े निवेश से ट्रेनों के चलने की रफ्तार बढ़ेगी और यात्रा के समय में कमी आएगी। जो रूट अभी पूरी तरह भर चुके हैं, वहां नए ट्रैक बनने से भीड़ कम होगी और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा। साथ ही, आदिवासी और पिछड़े इलाकों के लोगों को बाजार, अस्पताल और शिक्षा तक पहुंचने में आसानी होगी। यह कदम माल ढुलाई के लक्ष्य Mission 3000 MT को पूरा करने और पोर्ट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

रेलवे के भविष्य के लक्ष्य क्या हैं?

सरकार ने पर्यावरण को बचाने के लिए भी बड़े लक्ष्य तय किए हैं। भारतीय रेलवे वित्त वर्ष 2025-26 तक 100% इलेक्ट्रिफिकेशन यानी सभी लाइनों को बिजली से चलाने का लक्ष्य पूरा करेगा। इसके अलावा, साल 2030 तक नेट-जीरो एमिशन का लक्ष्य रखा गया है ताकि कार्बन उत्सर्जन को खत्म किया जा सके।