Gulf देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए एक बड़ी खबर है। भारतीय रुपया एक बार फिर गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग और Strait of Hormuz के बंद होने की वजह से रुपये की कीमत घट गई है, जिससे अब भारत पैसा भेजने पर प्रवासियों को ज़्यादा फायदा मिलेगा।

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रुपये की गिरती कीमत और ताज़ा एक्सचेंज रेट क्या हैं?

18 मई 2026 को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड गिरावट के साथ 96.3 रुपये तक पहुँच गया। इसके साथ ही UAE दिरहम और बहरीन दीनार के मुकाबले भी रुपया काफी कमजोर हुआ है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से रुपये पर दबाव बढ़ा है, जिससे एक्सचेंज रेट में बड़ा बदलाव आया है।

करेंसी (Currency) भारतीय रुपया (INR) तारीख
US डॉलर (USD) 96.3 18 मई 2026
UAE दिरहम (AED) 26.2 से ज़्यादा 18 मई 2026
बहरीन दीनार (BHD) 253 से ज़्यादा 18 मई 2026
Brent Crude Oil 111 डॉलर (प्रति बैरल) 18 मई 2026

रुपया क्यों गिरा और RBI ने क्या कदम उठाए?

इस गिरावट की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और Strait of Hormuz का लगभग बंद होना है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष पिछले 12 हफ्तों से चल रहा है, जिससे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। Reserve Bank of India (RBI) ने रुपये को स्थिर करने के लिए बाज़ार में दखल दिया है। RBI ने चांदी जैसी कीमती धातुओं के आयात पर रोक लगाई है और सट्टेबाज़ी पर पाबंदी की है।

इसके अलावा, RBI ने पैसा भेजने वाली गैर-बैंक संस्थाओं के लिए नियमों को आसान बनाया है। अब इन संस्थाओं को बैंकों के साथ टाई-अप के लिए पहले की तरह मंजूरी लेने की ज़रूरत नहीं होगी, जिससे प्रवासियों के लिए पैसा भेजना आसान होगा।

क्या रुपया 100 के पार जाएगा?

बाज़ार के जानकारों का मानना है कि अगर युद्ध नहीं रुका और तेल की कीमतें महंगी रहीं, तो रुपया 100 के आंकड़े को भी छू सकता है। BofA Global Research ने साल के अंत तक इसे 98 तक पहुँचने का अनुमान लगाया है। वहीं, कुछ अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि इससे भारत में महंगाई बढ़ सकती है और आयात महंगा हो सकता है, जिसका असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Gulf से पैसा भेजने वालों को क्या फायदा होगा?

रुपये की कीमत गिरने से अब आपको कम विदेशी मुद्रा में ज़्यादा भारतीय रुपये मिलेंगे। इससे UAE, बहरीन और अन्य Gulf देशों से भारत पैसा भेजने वाले प्रवासियों की बचत बढ़ेगी।

रुपये में गिरावट का मुख्य कारण क्या है?

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष और Strait of Hormuz के बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें 111 डॉलर तक पहुँच गई हैं, जिसकी वजह से रुपये पर दबाव बढ़ा है।

क्या RBI रुपये को बचाने के लिए कुछ कर रहा है?

हाँ, RBI ने मुद्रा बाज़ार में हस्तक्षेप किया है और चांदी जैसे कीमती धातुओं के आयात पर रोक लगाई है ताकि रुपये को और ज़्यादा गिरने से रोका जा सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com