भारतीय रुपया एक बार फिर बड़ी गिरावट के दौर से गुज़र रहा है। डॉलर, दीनार और दिरहम के मुकाबले इसकी कीमत लगातार गिर रही है। इससे खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए घर पैसा भेजना अब और भी फायदेमंद हो गया है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था के लिए यह एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है।

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रुपये की कीमत में कितनी गिरावट आई है और क्या हैं ताजा रेट?

मई 2026 के दौरान भारतीय रुपया अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है। यह 2026 में एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी बन गई है। खासतौर पर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 96 के करीब पहुँच गया है। वहीं कुवैती दीनार के मुकाबले भी रुपया बहुत कमजोर हुआ है।

करेंसी (Currency) ताजा भाव / विवरण
अमेरिकी डॉलर (USD) 95.73 से 95.96 रुपये
कुवैती दीनार (KWD) 310 से 311 रुपये
यूएई दिरहम (AED) 26.07 से 26.12 रुपये
वित्त वर्ष 2026 की गिरावट 10.96%
वित्त वर्ष 2027 की गिरावट लगभग 3%
साप्ताहिक गिरावट (14 मई तक) 1.4%

रुपया कमजोर होने की मुख्य वजह क्या है?

रुपये की इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होने से भारत का आयात बिल बढ़ गया है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से पैसा निकालना और दुनिया भर में चल रहे तनाव ने रुपये पर दबाव बढ़ाया है।

  • कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
  • विदेशी फंड का बाहर जाना (FPI Outflows)
  • भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई की चिंता

RBI और सरकार ने इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस अस्थिरता को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 8 अप्रैल 2026 को कहा था कि बाजार में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए हस्तक्षेप जारी रहेगा।

सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। इसके अलावा, आरबीआई ने बैंकों के लिए कुछ नए नियम लागू किए हैं ताकि सट्टेबाजी के जरिए होने वाले व्यापार को कम किया जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

रुपये की गिरावट का प्रवासियों पर क्या असर होगा?

रुपया कमजोर होने से खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों को लाभ होगा, क्योंकि उन्हें अपने डॉलर, दीनार या दिरहम के बदले अब पहले से ज्यादा भारतीय रुपये मिलेंगे।

RBI रुपये को संभालने के लिए क्या कर रहा है?

RBI बाजार में डॉलर बेचकर स्थिरता लाने की कोशिश कर रहा है और सट्टेबाजी रोकने के लिए बैंकों के लिए नेट ओपन पोजीशन (NOP-INR) की सीमा तय की है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.