भारतीय रुपये की कीमत में भारी गिरावट आई है और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) मिलकर काम कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने भरोसा दिलाया है कि करेंसी को स्थिर करने के लिए कई जरूरी कदम उठाए जाएंगे ताकि अर्थव्यवस्था पर बुरा असर न पड़े।
रुपये में इतनी गिरावट क्यों आई और अब क्या हाल है?
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 96.88 रुपये तक पहुंच गया और कुछ समय के लिए यह 97 के पार भी गया। इसके पीछे कई बड़े कारण हैं जैसे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालना। साल 2026 में अब तक 19 अरब डॉलर से ज्यादा विदेशी फंड भारत से बाहर जा चुके हैं। साथ ही दुनिया भर में बढ़ते तनाव और बॉन्ड यील्ड की वजह से भी रुपये पर दबाव बढ़ा है। भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट भी दिसंबर तिमाही में 13.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
रुपये को बचाने के लिए सरकार और RBI क्या प्लान कर रहे हैं?
RBI गवर्नर Sanjay Malhotra और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी इस समस्या को सुलझाने के लिए लगातार मीटिंग कर रहे हैं। करेंसी को संभालने के लिए कई वित्तीय विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:
| कदम (Measure) | विवरण (Details) |
|---|---|
| ब्याज दरों में बढ़ोतरी | RBI की मौद्रिक नीति समिति 3 से 5 जून 2026 के बीच बैठक करेगी, जिसमें ब्याज दरें बढ़ाने पर चर्चा होगी। |
| करेंसी स्वैप ऑक्शन | 26 मई को 5 अरब डॉलर का डॉलर-रुपया स्वैप ऑक्शन किया जाएगा। |
| NRI डिपॉजिट स्कीम | गैर निवासी भारतीयों (NRIs) के लिए ऐसी योजनाएं लाई जाएंगी जिससे करीब 50 अरब डॉलर जुटाए जा सकें। |
| सॉवरेन डॉलर बॉन्ड | विदेशी बाजार से डॉलर जुटाने के लिए सरकारी बॉन्ड जारी करने पर विचार चल रहा है। |
आम आदमी और प्रवासियों पर क्या होगा असर?
रुपये की कीमत गिरने से विदेशों से आने वाले सामान महंगे हो जाते हैं। केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने कहा है कि सरकार फिलहाल गैर-जरूरी सामानों के आयात पर रोक नहीं लगाएगी, लेकिन उन्होंने देश के नागरिकों से अपील की है कि वे आयात पर निर्भर उत्पादों पर खर्च कम करें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिम्मेदार खर्च की अपील का समर्थन किया ताकि घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उनके द्वारा घर भेजे जाने वाले पैसे की वैल्यू पर असर पड़ता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अभी किस स्तर पर है?
भारतीय रुपया गिरकर 96.88 रुपये प्रति डॉलर तक पहुंच गया है और इसने संक्षिप्त रूप से 97 के स्तर को भी पार किया है।
RBI रुपये को स्थिर करने के लिए क्या कदम उठा रहा है?
RBI 26 मई को 5 अरब डॉलर का स्वैप ऑक्शन कर रहा है और जून में होने वाली अपनी बैठक में ब्याज दरों को बढ़ाने पर विचार कर सकता है।
