भारतीय रुपया इस समय काफी दबाव में है और सोमवार 14 जुलाई 2026 को इसमें एक ही दिन में करीब 58 पैसे की बड़ी गिरावट देखने को मिली। बाजार में रुपया 95.62 पर खुला था, लेकिन गिरते हुए यह 96.24 के निचले स्तर तक चला गया। बुधवार 15 जुलाई को भी रुपये की स्थिति में सुधार नहीं हुआ और यह 96.23 के आसपास बना रहा। यह गिरावट जून 2026 के बाद से रुपये का सबसे निचला स्तर है।

गिरावट के पीछे की असली वजह

बाजार के जानकारों का मानना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिसका सीधा असर रुपये की कीमत पर पड़ रहा है। Finrex Treasury Advisors LLP के Anil Kumar Bhansali का कहना है कि महंगे तेल से भारत के आयात खर्च पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा, विदेशी निवेशक लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, 13 जुलाई को ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 3,062.27 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। डॉलर की बढ़ती मांग ने भी रुपये को कमजोर किया है।

RBI का हस्तक्षेप और सरकारी कोशिशें

रुपये की इस तेजी से हो रही गिरावट को रोकने के लिए Reserve Bank of India (RBI) ने 96.20 के स्तर पर हस्तक्षेप किया। वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने भी सरकारी बैंकों के प्रमुखों से कहा है कि वे विदेश में रह रहे भारतीयों (NRI) से निवेश जुटाने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाएं। सिंगापुर, हांगकांग और खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय इन योजनाओं में रुचि दिखा रहे हैं, लेकिन अमेरिका में रहने वाले NRI पुरानी टैक्स से जुड़ी चिंताओं के कारण सतर्क बने हुए हैं।

बाजार विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों के अनुसार, रुपये की आगे की चाल काफी हद तक पश्चिम एशिया की स्थिति और RBI के फैसलों पर टिकी है। BofA Securities ने पहले ही आशंका जताई थी कि ऊर्जा संकट के चलते रुपया जुलाई महीने तक 98 प्रति डॉलर तक गिर सकता है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए, रुपये में इस गिरावट का सीधा मतलब है कि घर पैसा भेजने पर उन्हें अब अधिक लाभ मिल सकता है, लेकिन भारत से सामान मंगाने या व्यापार करने वालों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com