ईरान के बंदरगाह पर एक महीने से ज्यादा समय से फंसे दो भारतीय नाविक आखिरकार अपने घर लौट आए हैं. Tithi Chiranjeevi और Anant Singh Chauhan ने इराक, आर्मेनिया और UAE के रास्ते 15 दिनों का सफर तय कर भारत वापसी की है. हालांकि, खाड़ी के जहाजों पर अभी भी करीब 20,000 नाविक फंसे हुए हैं जिनके लिए हालात काफी मुश्किल बने हुए हैं.
भारतीय नाविकों की घर वापसी और सरकारी अपडेट क्या है?
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने बताया कि अब तक 11 भारतीय जहाज Strait of Hormuz से बाहर निकल चुके हैं, जबकि 13 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं. बाकी जहाजों की सुरक्षित वापसी के लिए ईरान के साथ बातचीत जारी है. वहीं, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के डायरेक्टर Opesh Kumar Sharma ने कहा कि क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. मंत्रालय ने अब तक 2,999 से ज्यादा नाविकों की घर वापसी करवाई है, जिसमें पिछले 48 घंटों में 23 लोग शामिल हैं.
Strait of Hormuz में संकट और ईरान के नए नियम क्या हैं?
यूएन के इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) के महासचिव Arsenio Dominguez ने बताया कि ईरान द्वारा लगाए गए नाकेबंदी की वजह से लगभग 20,000 क्रू मेंबर्स और 1,500 जहाज फंसे हुए हैं. IMO के डायरेक्टर Damien Chevallier ने इसे एक बड़ा मानवीय संकट बताया है. इस बीच ईरान ने नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत जहाजों को अब नए बने Persian Gulf Strait Authority (PGSA) से “Vessel Information Declaration” लेना होगा तभी उन्हें रास्ता मिलेगा. दूसरी तरफ, अमेरिका ने भी “Project Freedom” शुरू किया है ताकि फंसे हुए जहाजों को बाहर निकाला जा सके, लेकिन ईरान ने इस कदम का विरोध किया है.
| विवरण | डेटा / स्थिति |
|---|---|
| कुल फंसे हुए नाविक (IMO के अनुसार) | लगभग 20,000 |
| कुल फंसे हुए जहाज | 1,500 |
| बाहर निकले भारतीय जहाज | 11 |
| अभी भी फंसे भारतीय जहाज | 13 |
| अब तक घर लौटे कुल भारतीय नाविक | 2,999 से ज्यादा |
Frequently Asked Questions (FAQs)
अभी कितने भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं?
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, 11 भारतीय जहाज बाहर निकल चुके हैं और अभी भी 13 जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं.
ईरान ने जहाजों के लिए कौन सा नया नियम लागू किया है?
ईरान ने Persian Gulf Strait Authority (PGSA) का गठन किया है और अब सभी जहाजों को वहां से “Vessel Information Declaration” लेना अनिवार्य होगा.