काला सागर (Black Sea) में एक बार फिर समुद्री सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। 18 जुलाई 2026 को कमर्शियल जहाज MV Omorfi पर हुए एक हमले में भारतीय नागरिक और Chief Officer सागर गुप्ता की दुखद मौत हो गई। इस जहाज पर कुल 10 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से 3 भारतीय थे। बाकी दो भारतीय सुरक्षित बताए गए हैं।
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हमले के बाद भारत का सख्त रुख
भारत के Ministry of External Affairs (MEA) ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि कमर्शियल शिपिंग और निर्दोष क्रू मेंबर को निशाना बनाना समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। Forward Seamen’s Union of India (FSUI) ने इस हमले के पीछे यूक्रेनी ड्रोन का हाथ बताया है। रूस में मौजूद भारतीय मिशन प्रभावित परिवार की मदद कर रहा है और अधिकारियों के संपर्क में है।
एक हफ्ते में दूसरी बड़ी घटना
समुद्री सुरक्षा को लेकर स्थिति कितनी नाजुक हो गई है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि केवल 48 घंटों के भीतर 5 भारतीयों की मौत हुई है। इससे एक दिन पहले, 19 जुलाई को MV Golden Leo पर हमला हुआ था, जिसमें 4 भारतीय क्रू मेंबर ने अपनी जान गंवा दी थी। इस घटना के बाद भारत ने Russian Charge d’Affaires को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया था।
बढ़ते ड्रोन हमलों के कारण रूस के सबसे बड़े एक्सपोर्ट पोर्ट Novorossiysk पर रात के समय जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। भारत सरकार ने इस क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय जहाजों और क्रू मेंबर के लिए नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।
