समुद्र के रास्ते काम पर जाने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री Sarbananda Sonowal ने 28 जुलाई 2026 को एक अहम बैठक की। इस बैठक में ओमान, सऊदी अरब, ईरान, रूस और यूक्रेन जैसे देशों में मौजूद भारतीय मिशनों के अधिकारी शामिल हुए। मकसद साफ है कि युद्ध या तनाव वाले इलाकों में काम करने वाले हमारे नाविकों को सुरक्षित रखना।
नाविकों की सुरक्षा के लिए नई गाइडलाइन्स
पिछले कुछ समय में व्यावसायिक जहाजों पर बढ़ते हमलों ने चिंता बढ़ा दी है। अप्रैल 2026 से अब तक इन हमलों में 5 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। इसी को देखते हुए Directorate General of Shipping (DGS) ने अदन की खाड़ी और लाल सागर जैसे इलाकों के लिए नई समुद्री सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। इसके अलावा Ministry of External Affairs (MEA) ने भी नाविकों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी जगह काम स्वीकार करने से पहले वहां के सुरक्षा हालात की पूरी जांच जरूर करें।
सरकार का सख्त रुख और मदद के इंतजाम
मंत्री ने साफ कहा है कि कोई भी भारतीय नाविक भू-राजनीतिक संघर्ष के बीच नहीं फंसना चाहिए। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नाविकों के लिए बेहतर ट्रेनिंग और जानकारी के कार्यक्रम चलाएं। नाविकों को सलाह दी गई है कि वे अपने मालिक से रूट, सुरक्षा और इंश्योरेंस के बारे में पूरी जानकारी लें। किसी भी मुसीबत के समय मदद के लिए DGS का 24×7 Seafarer Grievance and Assistance Cell लगातार काम कर रहा है ताकि हर नाविक को चौबीसों घंटे सहायता मिल सके।
