उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में माहौल काफी गमगीन और तनावपूर्ण है। MT Settebello जहाज पर हुए हमले में जान गंवाने वाले 31 साल के भारतीय नाविक शिवानंद चौरसिया का शव जब उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो परिवार ने जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिवार की मांग है कि शिवानंद को ‘शहीद’ का दर्जा दिया जाए और उन्हें भारी मुआवज़ा मिले।

शिवानंद चौरसिया देवरिया के सुरौली गांव के रहने वाले थे और जहाज पर इंजन फिटर का काम करते थे। वह अपने परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनकी पत्नी सुशीला देवी और अन्य परिजनों ने मांग की है कि केंद्र और राज्य सरकार उन्हें 1 करोड़ रुपये का मुआवज़ा दे। साथ ही, उन्होंने पत्नी के लिए सरकारी नौकरी और दोनों बच्चों की कक्षा 12 तक की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की मांग की है।

इस मामले में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। लोक सभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने परिवार से बात की है और उन्हें मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि वह अधिकारियों को पत्र लिखकर परिवार की मांगों, खासकर पत्नी के लिए सरकारी नौकरी की मांग को पूरा करवाने की कोशिश करेंगे। वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद रामशंकर राजभेर ने भी परिवार से मुलाकात की और मांग की कि शिवानंद का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ किया जाए और यह मुद्दा संसद में उठाया जाए।

प्रशासनिक स्तर पर देवरिया के जिला मजिस्ट्रेट मधुसूदन हुल्गी ने परिवार से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा और प्रशासन इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।

इस घटना के पीछे के कारणों पर विवाद जारी है। US Central Command (CENTCOM) का दावा है कि MT Settebello जहाज ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी के नियमों को तोड़ा था और ईरान से तेल ले जाने की कोशिश की थी। अमेरिका का कहना है कि बार-बार निर्देश देने के बाद भी जब जहाज ने बात नहीं मानी, तो उसके इंजन रूम पर सटीक हमला किया गया।

दूसरी ओर, जहाज के ऑपरेटर iOS Marine ने अमेरिकी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कंपनी का कहना है कि जहाज पर कोई ईरानी तेल नहीं था और न ही वह ईरान जा रहा था। कंपनी ने इस हमले और नाविकों की मौत के लिए अमेरिकी नौसेना को जिम्मेदार ठहराया है।

भारत सरकार ने इस हमले पर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री S Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के सामने भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले में अमेरिकी दूतावास को भी विरोध पत्र भेजा है। केंद्रीय शिपिंग मंत्री Sarbananda Sonowal ने पुष्टि की है कि इस हमले में शिवानंद चौरसिया सहित तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई है।

MT Settebello एक Palau-ध्वज वाला तेल टैंकर था जिसमें कुल 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। हमले के बाद 21 लोगों को बचा लिया गया, जबकि शिवानंद चौरसिया, आदित्य शर्मा और सुरेश पटनाला की जान चली गई।