पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार ने बड़ा अपडेट दिया है. शिपिंग मंत्रालय ने साफ किया है कि वहां मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं. सरकार उनकी सुरक्षा के लिए लगातार नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाएगी.
भारतीय नाविकों की सुरक्षा और घर वापसी का क्या अपडेट है?
शिपिंग मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने बताया कि पिछले 72 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या भारतीय चालक दल वाले विदेशी जहाजों के साथ कोई घटना नहीं हुई है. सरकार ने अब तक 3,300 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस भारत लाने में मदद की है, जिनमें से 99 नाविक पिछले 3 दिनों में घर लौटे हैं.
नाविकों की मदद के लिए DG Shipping ने एक कंट्रोल रूम बनाया है. पिछले 72 घंटों में इस कंट्रोल रूम को 404 कॉल और 903 ईमेल मिले हैं, जिनका समाधान किया गया है. भारत के सभी पोर्ट्स पर कामकाज सामान्य है और वहां कोई भीड़ या रुकावट नहीं है.
Strait of Hormuz में भारतीय जहाजों की स्थिति क्या है?
भारत सरकार विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ मिलकर लगातार तालमेल बना रही है. मंत्रालय ने कहा है कि जैसे ही हालात ठीक होंगे, Strait of Hormuz में जहाज भेजा जाएगा. वर्तमान में इस क्षेत्र में 13 भारतीय ध्वज वाले जहाज और एक भारतीय स्वामित्व वाला जहाज मौजूद है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में 11 भारतीय मर्चेंट जहाज सुरक्षित रूप से इस रास्ते से गुजरे हैं. वहीं, 13 अन्य भारतीय जहाज, जिनमें LNG कैरियर भी शामिल हैं, सुरक्षित रास्ता मिलने का इंतजार कर रहे हैं.
शिपिंग रेट्स और कंटेनर के दामों में क्या बदलाव आया है?
क्षेत्र में तनाव की वजह से शिपिंग के दाम काफी बढ़ गए थे, लेकिन अब इनमें थोड़ी गिरावट देखी गई है. 20 फुट के कंटेनर की कीमत जो 15 अप्रैल को काफी ज्यादा थी, वह अब कम हुई है.
| तारीख | 20 फुट कंटेनर का रेट (USD) |
|---|---|
| 15 अप्रैल 2026 | 2400 |
| 21 मई 2026 | 2000 |
Frequently Asked Questions (FAQs)
अब तक कितने भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया गया है?
शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक, मार्च से अब तक कुल 3,300 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित घर वापस लाया गया है.
क्या Strait of Hormuz में भारतीय जहाज भेजना सुरक्षित है?
सरकार ने कहा है कि वे विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं और जैसे ही स्थिति अनुकूल होगी, वहां जहाज भेजा जाएगा.
