लाल सागर में भारतीय जहाज पर हूतियों का हमला, 14 क्रू मेंबर्स को बचाया गया सुरक्षित.

Sushma Kumari4 August 20262 min read39 viewsYemen
लाल सागर में भारतीय जहाज पर हूतियों का हमला, 14 क्रू मेंबर्स को बचाया गया सुरक्षित.

लाल सागर के खतरनाक इलाकों में भारतीय जहाज को निशाना बनाए जाने की एक बड़ी घटना सामने आई है। MSV Faize Noore Oliya नाम का एक कमर्शियल जहाज यमन के तट के पास डूब गया, जिस पर हूतियों द्वारा विस्फोटक भरी नाव से हमला करने का आरोप लगाया गया है। इस घटना के बाद हड़कंप मच गया और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

घटना का विवरण

यह घटना 4 अगस्त 2026 को हुई, जब यह जहाज यमन के हूती-नियंत्रित शहर Al Hudaydah से लगभग 13 नॉटिकल मील दक्षिण की ओर बढ़ रहा था। अचानक हुए इस हमले ने जहाज को गहरे संकट में डाल दिया। गनीमत यह रही कि इस हमले में सवार सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इन लोगों में 13 भारतीय नागरिक और एक यमन का नागरिक शामिल था। यमनी नौसेना और कोस्ट गार्ड ने एक संयुक्त अभियान चलाकर इन सभी की जान बचाई।

सरकारी प्रतिक्रिया और चिंता

भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई है। भारत के Ministry of External Affairs (MEA) ने आधिकारिक रूप से इस हमले की निंदा की है और इसे समुद्री व्यापार के लिए बेहद खतरनाक बताया है। सरकार का कहना है कि कमर्शियल जहाजों को इस तरह निशाना बनाना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। वहीं, भारत के शिपिंग मंत्री Sarbananda Sonowal ने भी इस हमले को बिना किसी उकसावे के की गई कार्रवाई बताया और दोषियों की निंदा की।

समुद्री सुरक्षा और भविष्य का खतरा

यमन के अधिकारियों, विशेष रूप से वहां के परिवहन मंत्रालय और नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज ने इसे एक आतंकी हमला करार दिया है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन माना है। यह पूरा इलाका, जिसमें बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य शामिल है, पहले से ही तनावपूर्ण बना हुआ है। हाल के दिनों में हूतियों द्वारा जहाजों पर हमलों की संख्या बढ़ गई है और उन्होंने सऊदी अरब के लिए भी समुद्री नाकाबंदी की घोषणा की थी।

इस स्थिति को देखते हुए, यमनी अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों से गुहार लगाई है कि वे इस पर ठोस कदम उठाएं। फिलहाल इस तरह की घटनाएं उन हजारों भारतीयों के लिए भी चिंता का विषय हैं जो समुद्री रास्तों से व्यापार या नौकरी के सिलसिले में इन इलाकों से गुजरते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वैश्विक स्तर पर दबाव बढ़ता जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और समंदर के रास्तों को आवाजाही के लिए सुरक्षित बनाया जा सके।

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