होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर गुजरने वाले कमर्शियल जहाज़ों की संख्या में 97 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। फरवरी में जहां रोज़ाना 129 जहाज़ यहां से गुजरते थे, वहीं अब यह संख्या मात्र 4 रह गई है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका और इज़राइल से जुड़े जहाज़ों को छोड़कर यह जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए खुला है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया है कि ईरान के साथ सीधी बातचीत के अच्छे नतीजे मिल रहे हैं और शनिवार को दो भारतीय गैस टैंकर यहां से सुरक्षित निकाले गए हैं।

🗞️: Abu Dhabi में Eid से पहले लागू हुआ नया नियम, खाने-पीने की दुकानों और मार्केट पर होगी 24 घंटे निगरानी

किन देशों के जहाज़ों को मिल रही है एंट्री?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार जो देश बात करना चाहते हैं, उनके लिए ईरान के दरवाज़े खुले हैं। जहाज़ों के गुज़रने का फैसला पूरी तरह से उनकी सेना करती है। इस समय कई देश अपने जहाज़ों को सुरक्षित निकालने के लिए ईरान से संपर्क में हैं।

  • भारत: भारतीय अधिकारियों की बातचीत के बाद दो गैस टैंकर सुरक्षित रूप से पास हुए हैं।
  • पाकिस्तान: पाकिस्तान के झंडे वाला ‘कराची’ नाम का क्रूड टैंकर भी रविवार को सुरक्षित यहां से निकला है।
  • तुर्की और चीन: तुर्की के एक जहाज़ को मंज़ूरी मिली है जबकि 14 अभी इंतज़ार कर रहे हैं। वहीं चीन के जहाज़ भी ग्लोबल सप्लाई को बनाए रखने के लिए लगातार इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं।

जापान और ऑस्ट्रेलिया ने इस इलाके में निगरानी के लिए अमेरिकी नौसेना के गठबंधन में शामिल होने से मना कर दिया है। दोनों देशों ने इसके पीछे अपने कानूनी और संवैधानिक कारणों का हवाला दिया है।

शिपिंग और माल ढुलाई पर क्या असर पड़ा है?

इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए शिपिंग कंपनियों ने अपने चार्ज बहुत ज़्यादा बढ़ा दिए हैं। इसका सीधा असर गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां के बाज़ारों में रोज़मर्रा के सामान की कीमत पर पड़ सकता है। बड़ी शिपिंग कंपनियों ने गल्फ रूट पर अपनी सर्विस फिलहाल सीमित कर दी है।

  • Hapag-Lloyd ने 2 मार्च से गल्फ पोर्ट्स के लिए प्रति कंटेनर 1500 डॉलर का वॉर रिस्क सरचार्ज लगा दिया है।
  • गल्फ ट्रांज़िट के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम चार गुना तक बढ़ गया है।
  • कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के माल ढुलाई रेट में 54 प्रतिशत और रिफाइंड प्रोडक्ट्स में 72 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
  • सिंगापुर में समुद्री ईंधन (Marine Fuel) की कीमतें भी लगभग दोगुनी होकर 1020 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई हैं।

अमेरिका ने अपने जहाज़ों को ईरानी जलक्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी है। वहीं अमेरिकी ट्रेज़री सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का कहना है कि दुनिया में सप्लाई बनी रहनी चाहिए और कुछ फ्यूल जहाज़ों का इस रास्ते से जाना एक अच्छी बात है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.