खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी चिंता वाली खबर सामने आई है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, करीब 17 भारतीय झंडे वाले जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं. सऊदी न्यूज़ और भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, यह स्थिति ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बने तनाव की वजह से हुई है. भारत सरकार अब इन जहाजों और उन पर मौजूद क्रू की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव कोशिश कर रही है.

भारतीय जहाजों के फंसने की असली वजह क्या है और अभी क्या स्थिति है?

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास मची उथल-पुथल की वजह से जहाजों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है. फरवरी 2026 से शुरू हुई सैन्य गतिविधियों के बाद से इस रास्ते से गुजरना काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है. हालांकि कुछ समय पहले ईरान ने कहा था कि ‘गैर-दुश्मन’ जहाज तालमेल बैठाकर यहां से गुजर सकते हैं, लेकिन सुरक्षा जोखिम अभी भी बने हुए हैं. सरकारी आंकड़ों और अधिकारियों के बयानों के मुताबिक जहाजों की संख्या 17 से 22 के बीच बताई जा रही है, जो फिलहाल वहां फंसे हुए हैं.

भारत सरकार और नौसेना की तरफ से उठाए गए जरूरी कदम

भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर काफी अलर्ट है. इसके लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है:

  • भारतीय नौसेना ने सुरक्षा के लिहाज से ओमान की खाड़ी और अरब सागर में अतिरिक्त युद्धपोत तैनात कर दिए हैं.
  • ‘ऑपरेशन संकल्प’ के तहत भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिलाने और उनकी निगरानी करने की कोशिश की जा रही है.
  • विदेश मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय लगातार अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के संपर्क में हैं ताकि फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित निकाला जा सके.
  • हाल ही में दो एलपीजी टैंकर ‘BW Elm’ और ‘BW Ter’ सफलतापूर्वक होर्मुज पार करके भारत पहुंचने में कामयाब रहे हैं.
  • नौसेना के युद्धपोत होर्मुज के पूर्व में तैनात रहेंगे ताकि भारतीय हितों की रक्षा की जा सके.

फंसे हुए जहाजों और राहत कार्य से जुड़े कुछ मुख्य तथ्य

प्रमुख जानकारी विवरण
फंसे हुए भारतीय जहाज 17 से 22 जहाजों के फंसे होने की खबर है
प्रमुख सरकारी विभाग पेट्रोलियम, शिपिंग और विदेश मंत्रालय सक्रिय हैं
सप्लाई पर असर भारत अपनी 90 प्रतिशत एलपीजी खाड़ी देशों से ही मंगवाता है
नौसेना का मिशन ऑपरेशन संकल्प के जरिए सुरक्षा दी जा रही है
अंतरराष्ट्रीय सहयोग IMO कुल 32 जहाजों को निकालने पर काम कर रहा है

इस संकट की वजह से भारत में गैस की सप्लाई पर थोड़ा असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व से आयात करता है. फिलहाल भारतीय बंदरगाहों पर कामकाज सामान्य बताया जा रहा है और वहां किसी भी तरह की भीड़भाड़ की रिपोर्ट नहीं मिली है. सरकार की प्राथमिकता है कि जो जहाज अभी भी तनाव वाले क्षेत्र में हैं, उन्हें बिना किसी नुकसान के बाहर लाया जाए.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com