24 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान Sensex में 400 अंक से ज्यादा की कमजोरी आई और Nifty का स्तर 23,900 से नीचे चला गया। बाजार के सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते दिखे, जिसका सीधा असर निवेशकों की पूंजी पर पड़ा है।
🚨: Iran में ड्रोन अटैक से मची तबाही, 2 लोग घायल, लगातार 13वीं रात अमेरिका के हमले जारी।
गिरावट की बड़ी वजह
बाजार में इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण Brent crude यानी कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है। कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं, जो मई के बाद पहली बार हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, जैसे रेड सी में सऊदी टैंकरों पर हमला और ईरान पर अमेरिकी हमले की खबरों ने वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ा दी है।
आम आदमी और निवेश पर असर
बाजार के जानकारों का मानना है कि भारत एक बड़ा तेल आयातक देश है, इसलिए तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई और सप्लाई में रुकावट पैदा करती हैं। एक्सपर्ट Ajay Bagga के अनुसार, यह स्थिति मार्च 2026 की बिकवाली जैसी है। वहीं, Devarsh Vakil ने बताया कि Nifty अब 23,645-23,500 के स्तर की ओर बढ़ रहा है। हालांकि, कुछ एनालिस्ट अभी भी मान रहे हैं कि बाजार में कुछ चुनिंदा शेयरों में कमाई के मौके मौजूद हैं और बाजार के ओवरसोल्ड होने के कारण भविष्य में उछाल आ सकता है।
