भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। जून 2026 के शुरुआती दिनों में भारतीय बाजार लाल निशान में खुले हैं। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों में डर का माहौल बना हुआ है, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार और आम निवेशकों पर पड़ रहा है।

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विदेशी निवेशकों (FPI) की बिकवाली के आंकड़े

साल 2026 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय बाजार से भारी मात्रा में पैसा निकाला है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के अनुसार, मई महीने में बिकवाली की रफ्तार थोड़ी कम जरूर हुई है, लेकिन लगातार तीसरे महीने भी विदेशी निवेशक शुद्ध बिकवाल रहे हैं। नीचे दिए गए आंकड़े इस साल की बड़ी बिकवाली को स्पष्ट करते हैं:

महीना / अवधि बिकवाली की कुल रकम (रुपये में)
मार्च 2026 1,17,775 करोड़ रुपये
अप्रैल 2026 60,847 करोड़ रुपये
मई 2026 32,963 करोड़ रुपये (लगभग 3.45 अरब डॉलर)
साल 2026 में अब तक की कुल बिकवाली 2,24,932 करोड़ रुपये (2.25 लाख करोड़)

पश्चिम एशिया संकट और भारतीय बाजार पर इसका असर

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों ने भारतीय बाजार की चिंता बढ़ा दी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 में चेतावनी दी है कि यदि पश्चिम एशिया में संघर्ष लंबा खिंचता है, तो इससे देश की अनुमानित 6.9 प्रतिशत जीडीपी (GDP) ग्रोथ को नुकसान पहुंच सकता है।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के एक्सपर्ट वीके विजयकुमार के अनुसार, इस ऊर्जा संकट के कारण भारत की जीडीपी ग्रोथ अनुमान में कटौती और महंगाई में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। 2 जून 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी में 0.5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिसमें बजाज फाइनेंस जैसे बड़े शेयर नुकसान में रहे। हालांकि, आईटी सेक्टर के शेयरों जैसे इन्फोसिस और टीसीएस में थोड़ी बढ़त दर्ज की गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

विदेशी निवेशकों (FPI) ने मई 2026 में भारतीय बाजार से कितने रुपये निकाले?

मई 2026 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से कुल 32,963 करोड़ रुपये (लगभग 3.45 अरब डॉलर) निकाले हैं। हालांकि, यह अप्रैल के 60,847 करोड़ रुपये और मार्च के 1,17,775 करोड़ रुपये की तुलना में काफी कम है।

आरबीआई ने देश की जीडीपी (GDP) ग्रोथ को लेकर क्या चेतावनी दी है?

आरबीआई ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 में कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत रहेगी, लेकिन पश्चिम एशिया में लंबे समय तक चलने वाला संघर्ष भारत की 6.9% की अनुमानित जीडीपी ग्रोथ के लिए खतरा बन सकता है।