मंगलवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में सुस्ती देखी गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही गिरावट के साथ खुले। इसका बड़ा कारण विदेशी निवेशकों (FII) द्वारा शेयरों की लगातार बिकवाली और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

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बाजार गिरने की मुख्य वजह क्या है?

बाजार में इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण रहे। Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट VK Vijayakumar ने बताया कि दुनिया भर में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का क्रेज बढ़ा है। इस वजह से विदेशी निवेशक अपना पैसा भारत जैसे बाजारों से निकालकर AI से जुड़ी कंपनियों में लगा रहे हैं। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में तनाव और Strait of Hormuz को लेकर बढ़ती चिंता की वजह से कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं, जिसका सीधा असर भारत जैसी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

मार्केट और निवेश के ताजा आंकड़े

बाजार की मौजूदा स्थिति और निवेशकों के लेनदेन का ब्यौरा नीचे दी गई टेबल में है:

विवरण आंकड़ा/स्थिति
Nifty 50 ओपनिंग 24,049.90 (42.80 अंक नीचे)
BSE Sensex ओपनिंग 77,094.79 (208.84 अंक नीचे)
FII द्वारा अप्रैल में निकासी (25 अप्रैल तक) ₹56,360 करोड़
DII द्वारा अप्रैल में निवेश ₹39,480 करोड़
MSCI इंडेक्स में भारत का वजन 20% से घटकर करीब 12% हुआ
FII की कुल निकासी (पिछले 18 महीने) 45 बिलियन डॉलर (₹4.23 लाख करोड़)

किन सेक्टर पर पड़ा असर और आगे क्या उम्मीद है?

NSE पर शुरुआती कारोबार के दौरान फार्मा और PSU बैंक शेयरों पर दबाव देखा गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि विदेशी निवेशकों की यह बिकवाली भारत की घरेलू कमजोरी की वजह से नहीं, बल्कि ग्लोबल रिस्क की वजह से है। जब दुनिया भर में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर जाते हैं। हालांकि, अगर AI शेयरों में सुधार आता है, तो विदेशी पैसा वापस भारत की बड़ी कंपनियों (Largecaps) में आ सकता है। फिलहाल मिड और स्मॉल कैप कंपनियों में मजबूती बनी रह सकती है क्योंकि उनमें विदेशी निवेशकों का दखल कम है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

विदेशी निवेशक (FII) भारत से पैसा क्यों निकाल रहे हैं?

मुख्य रूप से वैश्विक स्तर पर AI ट्रेड की तेजी के कारण निवेशक अपना पैसा वहां लगा रहे हैं। साथ ही, ग्लोबल रिस्क-ऑफ माहौल और पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से भी वे भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं।

पश्चिम एशिया के तनाव का भारतीय बाजार पर क्या असर पड़ता है?

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें बढ़ जाती हैं। भारत तेल आयात करने वाला देश है, इसलिए तेल महंगा होने से अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर दबाव बढ़ता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com