UAE News: शारजाह में पढ़ने वाली 18 साल की भारतीय छात्र ग्लोविन चेल का निधन, कैंसर से लंबी जंग के बाद तोड़ा दम।

Praggya Singh sabal16 August 20262 min read81 viewsUAE
UAE News: शारजाह में पढ़ने वाली 18 साल की भारतीय छात्र ग्लोविन चेल का निधन, कैंसर से लंबी जंग के बाद तोड़ा दम।

यूएई में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करने वाली एक भारतीय छात्रा को लेकर बेहद दुखद खबर सामने आई है। शारजाह के एक स्कूल में पढ़ने वाली 18 साल की भारतीय छात्रा Glowin Chell का मंगलवार को निधन हो गया। वह काफी समय से एक गंभीर और दुर्लभ बीमारी से जंग लड़ रही थी। उनकी इस असामयिक मौत से यूएई और भारत दोनों जगहों पर उनके परिवार, शिक्षकों और दोस्तों में गहरा शोक छा गया है। प्रवासी भारतीयों के बीच इस खबर से काफी मायूसी है क्योंकि इतनी कम उम्र में दुनिया छोड़ जाना किसी के लिए भी सहन करना बहुत मुश्किल है।

बीमारी के बाद परिवार वापस तमिलनाडु ले गया था

मिली जानकारी के अनुसार, Glowin Chell फाइब्रोसारकोमा नाम के बेहद दुर्लभ और खतरनाक कैंसर से पीड़ित थी। वह शारजाह के GEMS Our Own English High School में Grade 12 की छात्रा थी। जब परिवार को उनकी इस खतरनाक बीमारी के बारे में पता चला, तो उन्होंने उन्हें बेहतर इलाज के लिए भारत के तमिलनाडु राज्य में शिफ्ट कर दिया। तमिलनाडु में उनका विशेष इलाज चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान ही मंगलवार को उनका निधन हो गया, जिससे पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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स्कूल और दोस्तों ने दी श्रद्धांजलि

अपनी गंभीर बीमारी और अस्पताल के चक्कर काटने के बाद भी Glowin Chell अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर हमेशा सकारात्मक और उम्मीद से भरी हुई थीं। उनके शिक्षक और दोस्त उन्हें एक बेहद मेहनतकश और प्यारी छात्रा के रूप में याद कर रहे हैं। स्कूल के साथियों का कहना है कि कक्षा में उनकी खाली सीट हमेशा उनकी याद दिलाएगी और उसे देखना हर किसी के लिए बहुत दर्दनाक होगा। शारजाह के GEMS Our Own English High School – Girls की तरफ से भी 11 अगस्त को एक श्रद्धांजलि संदेश शेयर किया गया था, जिसमें उन्हें Grade 12 C की बेहद अजीज छात्रा बताया गया था।

तमिलनाडु के पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार

इस दुखद घटना के बाद उनका अंतिम संस्कार बुधवार को उनके परिवार के गृह नगर कन्याकुमारी जिले के मार्थंडम में संपन्न हुआ। यूएई में रहने वाले प्रवासी समुदाय के लिए यह घटना बेहद दिल दहला देने वाली है क्योंकि बच्चे परिवार के साथ विदेश में रहकर अपने सुनहरे भविष्य के सपने देखते हैं। शारजाह के उस स्कूल में उनके साथ पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों के लिए इस खालीपन को भर पाना बहुत मुश्किल होगा। सभी लोग इस मुश्किल समय में उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर रहे हैं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

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