West Asia Conflict: ईरान से निकाले गए आखिरी भारतीय छात्र, अजरबैजान में राजदूत Abhay Kumar ने किया स्वागत
West Asia में चल रहे तनाव के बीच ईरान से भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने का काम अब पूरा हो गया है. अजरबैजान के रास्ते लौटे भारतीय छात्रों के आखिरी ग्रुप से वहां के भारतीय राजदूत Abhay Kumar मिले और उनका हाल-चाल जाना. भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित घर पहुँचाने के लिए अजरबैजान और आर्मेनिया के साथ मिलकर यह बड़ा अभियान चलाया.
कितने लोग और कैसे लौटे भारत?
इरान में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भारत सरकार ने काफी मेहनत की. विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, कुल 2,361 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया गया है. इन लोगों में 1,041 छात्र शामिल थे. ज़्यादातर लोगों को आर्मेनिया के रास्ते निकाला गया, जबकि कुछ छात्रों को अजरबैजान के जरिए भारत भेजा गया.
निकासी अभियान की पूरी जानकारी
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कई तारीखों पर अलग-अलग कदम उठाए गए. नीचे दी गई टेबल में आप पूरी जानकारी देख सकते हैं:
| तारीख | जानकारी | संख्या/स्थिति |
|---|---|---|
| 19 अप्रैल 2026 | अंतिम बैच की मुलाकात | अजरबैजान के जरिए छात्र |
| 17 अप्रैल 2026 | कुल वापसी (MEA रिपोर्ट) | 2,361 नागरिक (1,041 छात्र) |
| 11 अप्रैल 2026 | मछुआरों की वापसी | 312 भारतीय मछुआरे |
| 8 अप्रैल 2026 | सीजफायर और एडवाइजरी | ईरान-अमेरिका युद्धविराम |
| 1 अप्रैल 2026 | राजनयिक मुलाकात | Abhay Kumar और Jeyhun Bayramov |
| 14 मार्च 2026 | मेडिकल छात्रों की वापसी | 16 छात्र (अस्तारा बॉर्डर) |
| मार्च-अप्रैल 2026 | अजरबैजान मार्ग कुल निकासी | 300 से ज्यादा नागरिक |
अजरबैजान ने कैसे की मदद?
भारतीय राजदूत Abhay Kumar ने अजरबैजान सरकार और वहां के विदेश मंत्री Jeyhun Bayramov का शुक्रिया अदा किया. अजरबैजान ने भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रास्ता देने में पूरी मदद की. Azerbaijan Airlines ने बाकू से दिल्ली और मुंबई के लिए सीधी फ्लाइट्स चलाईं, जिससे छात्र बिना किसी परेशानी के अपने घर पहुँच सके. भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar और प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने भी इस सहयोग के लिए धन्यवाद जताया है.