भारतीय प्रवासी की सऊदी में हुई मृत्यु

भारतीय प्रवासी राम मिलन की मृत्यु 18 अगस्त 2022 को हो चुकी है लेकिन अभी तक उनका शव घर नहीं पहुंचा है। घरवालों ने बताया कि वह सऊदी के ‘प्रिंस मोहम्मद बिन फ़हद यूनिवर्सिटी’ में सफ़ाई कर्मचारी का काम करते थे। भारत में जब रोजी रोटी नहीं मिली तो वह सऊदी चलें गए थे। लेकिन उनसे साथ यह अनहोनी हो गई।

घरवाले परेशान 

राम मिलन के माता पिता, बच्चे और पत्नी की हालत बहुत खराब हो चुकी है। गहने बेचने तक की नौबत आ गई है। गहने बेचकर माता पिता लोगों से लिया हुआ कर्ज चुका रहे हैं। राम की दो छोटी बेटियां हैं, एक 6 साल की और दूसरी तीन साल की। इस घटना से बच्चों के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।

हार्ट अटैक के कारण हुई मृत्यु 

बताते चलें कि वह जून में ही सऊदी गए थे और परिजनों से कहा था कि 5 सितंबर को में ही साथ तीन महीने का पेमेंट करेंगे। उनके सुपरवाइज़र सूर्या नारायण ने कहा कि कम्पनी ने उनका पेमेंट कर दिया है, जल्द ही उन्हें मिल जायेगा।

जानकारी के मुताबिक उनकी मृत्यु हार्ट अटैक से हुई है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अमान रिज़वी उनके शव को जल्द ही लाने की कोशिश कर रहे हैं।

 

Lov Singh

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