भारत के युवाओं ने देश की विदेश नीति और सुरक्षा फैसलों पर अपनी राय दी है। Observer Research Foundation (ORF) के एक नए सर्वे में सामने आया है कि 18 से 35 साल के युवा सरकार के कड़े फैसलों और मिडिल ईस्ट के साथ रिश्तों को बहुत अहम मानते हैं। इस सर्वे में 19 शहरों के 5,000 से ज़्यादा युवाओं ने हिस्सा लिया।

Operation Sindoor और आतंकवाद पर युवाओं की क्या राय है?

सर्वे के मुताबिक, 93% युवाओं का मानना है कि पाकिस्तान से होने वाले आतंकवाद के जवाब में ‘Operation Sindoor’ एक सही कदम था। यह सैन्य कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी जिसमें 26 लोग मारे गए थे। युवाओं ने सरकार के उस फैसले का भी समर्थन किया जिसमें पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को रोकने की बात कही गई।

  • 92% युवाओं ने सीमा पार आतंकवाद को भारत की सबसे बड़ी चुनौती बताया।
  • 89% ने चीन के साथ सीमा विवाद और 88% ने पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद को बड़ी समस्या माना।
  • चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा कि अब आतंकवादियों और उन्हें पालने वाले देशों के बीच कोई फर्क नहीं किया जाएगा।

Middle East और अन्य देशों के साथ भारत के रिश्तों का क्या हाल है?

युवाओं की नज़र में मिडिल ईस्ट भारत की आर्थिक तरक्की के लिए बहुत ज़रूरी है। 77% युवाओं का मानना है कि इस क्षेत्र के वित्तीय केंद्र दुनिया में आर्थिक विकास और नई टेक्नोलॉजी के बड़े हब बन रहे हैं। साथ ही, 82% युवाओं को लगता है कि ऊर्जा (Energy) के क्षेत्र में भारत और मिडिल ईस्ट की साझेदारी भविष्य में व्यापार के तौर-तरीके बदल देगी।

देश या संस्था युवाओं का समर्थन या भरोसा
रूस (Russia) 72%
जापान (Japan) 69%
UAE (आर्थिक सहयोग) 76%
अमेरिका (US) 56% (2024 में 83% था)
UN सुरक्षा परिषद सीट 92%

इसके अलावा, 86% युवाओं ने भारत की मौजूदा विदेश नीति को सकारात्मक बताया और BRICS जैसे संगठनों में अपना भरोसा जताया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Operation Sindoor क्या था?

यह 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का सैन्य जवाब था। इसमें 26 लोगों की जान गई थी और भारतीय सेना ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी।

मिडिल ईस्ट को लेकर युवाओं की क्या सोच है?

युवा मिडिल ईस्ट को आर्थिक विकास का इंजन मानते हैं। 79% युवाओं का मानना है कि इस क्षेत्र के साथ सहयोग से व्यापार और 82% का मानना है कि ऊर्जा साझेदारी मजबूत होगी।