चेन्नई से सिंगापुर जाने वाले यात्रियों के लिए मंगलवार का दिन बेहद मुश्किल भरा रहा। इंडिगो की फ्लाइट में करीब 200 यात्री 4 से 5 घंटे तक बिना एयर कंडीशनिंग (AC) के विमान के अंदर फंसे रहे। गर्मी और घुटन के कारण यात्रियों की हालत खराब हो गई और विमान के अंदर चीख-पुकार मच गई। यह घटना 24 फरवरी 2026 को हुई, जिसके बाद अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

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आखिर फ्लाइट के अंदर क्या हुआ था?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 1025 को सुबह 7:20 बजे चेन्नई से सिंगापुर के लिए उड़ान भरनी थी। यात्री समय पर विमान में बैठ गए थे, लेकिन टेकऑफ से पहले ही तकनीकी खराबी आ गई और विमान का एसी सिस्टम बंद हो गया। बंद विमान में तापमान तेजी से बढ़ने लगा जिससे यात्रियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी।

विमान में कई छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी सवार थे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में यात्री पसीने से तर-बतर दिख रहे थे और हवा के लिए मैगजीन का इस्तेमाल कर रहे थे। यात्रियों ने इस स्थिति को ‘गैस चैंबर’ जैसा बताया। परेशानी तब और बढ़ गई जब तकनीकी खराबी ठीक होने के दौरान पायलट की ड्यूटी का समय (FDTL) खत्म हो गया, जिसके कारण नए पायलट के इंतजार में फ्लाइट और लेट हो गई। आखिरकार विमान दोपहर करीब 11:40 बजे रवाना हो सका।

नियम क्या कहते हैं और अब क्या कार्रवाई होगी?

यात्रियों का आरोप है कि उन्हें नियमों के खिलाफ जाकर विमान में इतनी देर तक बैठाकर रखा गया। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर विमान में लंबी देरी होने की संभावना हो, तो यात्रियों को सुरक्षा और सेहत के लिहाज से वापस टर्मिनल पर उतारना जरूरी होता है। DGCA के नियमों का उल्लंघन होने की शिकायतों पर अब सरकार सख्त हो गई है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आधिकारिक जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, इंडिगो एयरलाइन ने यात्रियों को हुई परेशानी के लिए माफी मांगी है और देरी का कारण तकनीकी खराबी और क्रू ड्यूटी टाइम लिमिटेशन बताया है। मौके पर हालात इतने बिगड़ गए थे कि आक्रोशित यात्रियों को संभालने के लिए CISF के जवानों की मदद लेनी पड़ी थी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.