इंडिगो (IndiGo) एयरलाइंस ने अपने यात्रियों को बड़ा झटका दिया है. कंपनी ने 14 मार्च 2026 से अपनी सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ‘फ्यूल चार्ज’ (Fuel Charge) लगाने का फैसला किया है. मिडिल ईस्ट में चल रहे विवाद और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण यह कदम उठाया गया है. इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो भारत से बाहर गल्फ या अन्य देशों में रहते हैं और हवाई सफर करते हैं.

📰: Trump का ऐलान, ईरान की नेवी और एयरफोर्स पूरी तरह तबाह, सऊदी ने मार गिराए 51 ड्रोन

टिकट पर कितना एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा

नया चार्ज 14 मार्च को रात 00:01 बजे के बाद होने वाली सभी नई बुकिंग पर लागू होगा. यह चार्ज प्रति सेक्टर यानी हर फ्लाइट सेगमेंट के हिसाब से अलग-अलग लगेगा. अगर आप गल्फ देशों (Middle East) में रहते हैं और भारत आना-जाना करते हैं, तो आपको अब हर उड़ान के लिए 900 रुपये एक्स्ट्रा देने होंगे.

रूट (Route) फ्यूल चार्ज (रुपये में)
भारत (Domestic) और भारतीय उपमहाद्वीप 425
मिडिल ईस्ट (गल्फ देश) 900
साउथ ईस्ट एशिया और चीन 1800
अफ्रीका और पश्चिम एशिया 1800
यूरोप 2300

इंडिगो ने यह फैसला क्यों लिया

इंडिगो ने एक बयान में कहा कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) किसी भी एयरलाइंस के कुल खर्च का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा होता है. IATA के डेटा के अनुसार, मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण इस इलाके में फ्यूल की कीमतों में 85 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. कच्चे तेल की कीमत लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है.

इसके अलावा पाकिस्तान जैसे देशों का एयरस्पेस बंद होने के कारण फ्लाइट्स को लंबे रूट से जाना पड़ रहा है. एयरलाइन का कहना है कि उन्होंने ग्राहकों पर ज्यादा बोझ न डालने के लिए यह एक छोटा चार्ज जोड़ा है. इससे पहले Air India और Air India Express भी इस हफ्ते ऐसा ही फ्यूल चार्ज लगा चुके हैं.