Indonesian Earthquake: इंडोनेशिया में फिर कांपी धरती, 6.8 तीव्रता के भूकंप से दहशत; अबतक 38 लोगों की मौत

इंडोनेशिया में शनिवार को कुछ ही घंटों के अंतराल में दूसरी बार शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे पूरे देश में अफरा-तफरी मच गई। उत्तरी सुमात्रा में आए ताजा भूकंप की तीव्रता 6.8 बताई जा रही है और इसका असर दूर-दूर तक महसूस किया गया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज यानी GFZ के अनुसार, यह खतरनाक भूकंप करीब 163 किलोमीटर की गहराई में आया, जिसके कारण जमीन के भीतर भारी हलचल हुई। इस प्राकृतिक आपदा से पहले शनिवार सुबह ही देश के फ्लोरेस क्षेत्र में 7.7 तीव्रता का एक और भीषण भूकंप आया था, जिसमें अब तक कम से कम 38 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।
भूकंप का केंद्र और शुरुआती झटके
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी USGS से मिली जानकारी के मुताबिक, 7.7 तीव्रता का यह मुख्य भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 5:58 बजे फ्लोरेस क्षेत्र में दर्ज किया गया। इसका केंद्र पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत के Ende शहर से लगभग 68 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था। मुख्य झटके के बाद कई ताकतवर आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए, जिससे डरे हुए लोग अपने घरों और इमारतों को छोड़कर खुले आसमान के नीचे सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। इन लगातार आ रहे झटकों ने स्थानीय नागरिकों के मन में गहरा डर पैदा कर दिया है।
इमारतों और बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान
इस भयानक प्राकृतिक आपदा की वजह से कई रिहायशी और कमर्शियल इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि कुछ पुरानी इमारतें पूरी तरह से ढहकर मलबे का ढेर बन गई हैं। कई ग्रामीण और पर्वतीय स्थानों पर अचानक हुए भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड के कारण मुख्य सड़कें पूरी तरह से बंद हो गई हैं। एंडे रीजेंसी इलाके में महत्वपूर्ण Trans-Flores Highway का एक हिस्सा बंद होने की वजह से राहत और बचाव कार्यों में भारी रुकावट आ रही है। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मलबे में दबे होने की आशंका वाले दो ग्रामीणों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर अभियान चला रहे हैं।
अस्पताल खाली कराए गए और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
एहतियात के तौर पर प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों के कई बड़े अस्पतालों को तुरंत खाली करवा लिया ताकि किसी भी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। मरीजों को सुरक्षित बाहर खुले मैदानों में ले जाकर वहीं पर अस्थायी उपचार की व्यवस्था की गई है ताकि उनका इलाज बिना रुके जारी रह सके। इसके अलावा, कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति और संचार व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है, जिससे संपर्क साधना मुश्किल हो गया है। हालात को देखते हुए करीब 2,000 ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर अस्थायी आश्रयों में पहुंचाया गया है जहां उन्हें खाने-पीने और रहने की बुनियादी सुविधाएं दी जा रही हैं।
सुनामी की चेतावनी और आपदा प्रबंधन की कार्रवाई
भूकंप के तुरंत बाद तटीय इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, जिसे बाद में समुद्र के जलस्तर में किसी भी बड़े बदलाव के संकेत नहीं मिलने पर वापस ले लिया गया। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने राहत और बचाव कार्यों को तेजी से चलाने के लिए विशेष रूप से हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। देश के कई अलग-अलग द्वीपों में फैले इन दूर-दराज के प्रभावित इलाकों तक सड़क मार्ग से पहुंचना बचाव दलों के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बना हुआ है, लेकिन अधिकारी हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप Hindusthan Samachar की रिपोर्ट देख सकते हैं।