इंडोनेशिया सरकार ने दुनिया भर में बढ़ रही ईंधन की कीमतों को देखते हुए नए ऊर्जा संरक्षण नियमों का ऐलान किया है। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले इन नियमों के तहत सरकारी कर्मचारियों को हफ्ते में एक दिन घर से काम करना होगा और पेट्रोल-डीजल की राशनिंग की जाएगी। यह कदम मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में आई तेजी को देखते हुए उठाया गया है ताकि देश के ऊर्जा भंडार को सुरक्षित रखा जा सके।

सरकारी कामकाज और ईंधन के लिए क्या हैं नए नियम?

सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं जो मुख्य रूप से सरकारी विभागों और निजी वाहन मालिकों पर लागू होंगे। इन नियमों को लागू करने का मुख्य उद्देश्य सरकारी खर्च में कटौती करना और ईंधन की खपत को नियंत्रित करना है।

  • वर्क फ्रॉम होम (WFH): State Civil Apparatus (ASN) के कर्मचारी अब हर शुक्रवार को घर से काम करेंगे। हालांकि, स्वास्थ्य, सुरक्षा, ऊर्जा और परिवहन जैसे जरूरी विभागों को इससे बाहर रखा गया है।
  • ईंधन की राशनिंग: निजी गाड़ी मालिकों के लिए पेट्रोल और डीजल की सीमा तय कर दी गई है। अब एक वाहन के लिए दिन भर में अधिकतम 50 लीटर ईंधन ही खरीदा जा सकेगा।
  • यात्रा में कटौती: सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल में 50% की कमी की जाएगी। इसके अलावा अधिकारियों की घरेलू यात्राओं में 50% और विदेश यात्राओं में 70% तक की कटौती का आदेश दिया गया है।
  • निजी क्षेत्र: सरकार ने निजी कंपनियों को भी सुझाव दिया है कि वे अपने यहां वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू करें।

क्या ईंधन की कीमतों में भी कोई बदलाव होगा?

इंडोनेशियाई राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता Prasetyo Hadi ने यह स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। सरकार ने जनता को भरोसा दिया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और सप्लाई में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। आर्थिक मंत्रियों का मानना है कि शुक्रवार को वर्क फ्रॉम होम लागू करने से ईंधन की खपत में 20 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है।

Coordinating Economy Minister Airlangga Hartarto ने कहा कि यह फैसला किसी घबराहट में नहीं बल्कि सावधानी के तौर पर लिया गया है ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहे। सरकार का अनुमान है कि इन उपायों से देश को लगभग 121 से 130 ट्रिलियन रुपिया की बचत हो सकती है। इन नियमों की सफलता देखने के लिए दो महीने बाद फिर से समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर बदलाव किए जाएंगे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.