ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब पूरी दुनिया में दिखने लगा है। इंडोनेशिया सरकार ने देश में ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों के खतरे को देखते हुए पेट्रोल-डीजल की राशनिंग शुरू करने का ऐलान किया है। 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले इन नए नियमों के तहत निजी गाड़ियों के लिए तेल खरीदने की एक सीमा तय कर दी गई है। इसके साथ ही सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम और सरकारी दौरों में कटौती जैसे कड़े कदम उठाए हैं।

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ईंधन की राशनिंग और खरीद की नई सीमा क्या है?

इंडोनेशिया के आर्थिक मामलों के मंत्री Airlangga Hartarto ने जानकारी दी है कि अब निजी गाड़ियों के लिए रोजाना 50 लीटर तेल की सीमा तय की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन इंडोनेशिया में फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। सरकार सब्सिडी के जरिए कीमतों को स्थिर रखेगी ताकि आम जनता पर महंगाई की मार न पड़े। ऊर्जा मंत्री Bahlil Lahadalia ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से ही तेल खरीदें और सरकार के साथ सहयोग करें।

वर्क फ्रॉम होम और युद्ध का वैश्विक असर

युद्ध के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट को देखते हुए इंडोनेशिया ने अपने सिविल सर्वेंट्स के लिए हर शुक्रवार को वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य कर दिया है। सरकारी गाड़ियों का इस्तेमाल 50 प्रतिशत तक कम किया जाएगा और अधिकारियों के काम से जुड़े दौरों में 70 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। हालांकि, स्वास्थ्य, सुरक्षा और खाद्य आपूर्ति जैसे जरूरी क्षेत्रों को इन नियमों से राहत दी गई है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम और जहाजों पर बड़े हमले किए हैं, जिसके कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।

मुख्य अपडेट विवरण
ईंधन सीमा 50 लीटर प्रति वाहन प्रतिदिन (निजी गाड़ियां)
WFH नियम सरकारी कर्मचारी हर शुक्रवार घर से काम करेंगे
तेल की कीमत सब्सिडी जारी रहेगी, कीमतों में इजाफा नहीं होगा
युद्ध का असर ब्रेंट क्रूड तेल 115 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुँचा
लागू होने की तारीख 1 अप्रैल 2026 से नियम प्रभावी होंगे
आधिकारिक दौरे सरकारी यात्राओं में 70 प्रतिशत की कमी