भारतीय नौसेना की Kilo-class पनडुब्बी INS Sindhukesari रविवार 3 मई 2026 को श्रीलंका की राजधानी Colombo पहुंची है. यह दौरा Operational Turnaround के लिए हुआ है जिससे दोनों देशों के बीच समुद्री रिश्तों को और मजबूती मिलेगी. इस यात्रा का मकसद हिंद महासागर क्षेत्र को सुरक्षित बनाना और दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना है.
Operational Turnaround क्या है और पनडुब्बी यहाँ क्यों आई?
Operational Turnaround यानी OTR एक तरह का छोटा पड़ाव होता है. इसमें पनडुब्बी अपने जरूरी सामान भरती है, ईंधन लेती है और लंबे मिशन के दौरान थके हुए क्रू मेंबर्स को आराम दिया जाता है. भारतीय नौसेना ने X पर जानकारी दी कि इस दौरे से भारत और श्रीलंका की समुद्री साझेदारी और मजबूत होगी जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ेगी.
भारत और श्रीलंका के बीच और कौन से सैन्य अभ्यास हुए?
- IN-SLN DIVEX 2026: 21 से 28 अप्रैल 2026 तक कोलंबो में गोताखोरी का चौथा अभ्यास हुआ जिसमें भारत की INS Nireekshak ने हिस्सा लिया.
- MAHASAGAR विजन: यह पूरी कवायद MAHASAGAR विजन के तहत की गई है ताकि क्षेत्र में सुरक्षा और विकास साथ-साथ बढ़ सकें.
- मानवीय मदद: भारत ने ‘Aarogya Maitri’ पहल के तहत श्रीलंका को दो BHISM क्यूब्स सौंपे हैं जो स्वास्थ्य सेवाओं में मदद करेंगे.
- आधिकारिक बयान: श्रीलंका के Rear Admiral SJ Kumara ने गोताखोरों की ट्रेनिंग में भारत के लगातार सहयोग की तारीफ की है.
क्रू मेंबर्स के लिए क्या प्लान है?
Sri Lanka Navy ने भारतीय क्रू के लिए कई प्रोग्राम तैयार किए हैं. अपने प्रवास के दौरान INS Sindhukesari के सदस्य श्रीलंका के अलग-अलग पर्यटन स्थलों पर घूमने जाएंगे और वहां की संस्कृति को करीब से देखेंगे.
Frequently Asked Questions (FAQs)
INS Sindhukesari कोलंबो कब पहुंची?
भारतीय नौसेना की यह पनडुब्बी 3 मई 2026 को Operational Turnaround के लिए कोलंबो पहुंची है.
BHISM क्यूब्स क्या हैं?
यह भारत की ‘Aarogya Maitri’ पहल का हिस्सा है जिसके तहत श्रीलंका को मानवीय स्वास्थ्य सहयोग देने के लिए दो क्यूब्स सौंपे गए हैं.