भारतीय नौसेना का जहाज IOS Sagar, जिसे INS Sunayna के नाम से भी जाना जाता है, 15 मई 2026 को कोलंबो बंदरगाह पहुंच गया है। इस जहाज पर भारत के अलावा 16 अलग-अलग देशों के जवान तैनात हैं। यह दौरा भारत और श्रीलंका के बीच समुद्री तालमेल को बढ़ाने और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए किया गया है।
IOS Sagar की कोलंबो यात्रा की मुख्य बातें
- जहाज 15 मई को कोलंबो पहुंचा और 18 मई 2026 को वहां से रवाना होगा।
- रवानगी से पहले श्रीलंका की नौसेना के साथ एक संयुक्त अभ्यास (PASSEX) किया जाएगा।
- इस मिशन की शुरुआत 2 अप्रैल 2026 को मुंबई से हुई थी, जहां रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इसे हरी झंडी दिखाई थी।
- यह इस पूरे मिशन के दौरान जहाज का सातवां पोर्ट कॉल है।
मिशन का मकसद और इसमें शामिल देश
यह पूरी तैनाती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के MAHASAGAR विजन और भारत की ‘पड़ोसी पहले’ की नीति पर आधारित है। इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा के लिए देशों के बीच सहयोग बढ़ाना और ‘एक महासागर, एक मिशन’ के लक्ष्य को पूरा करना है। इस जहाज पर भारतीय नौसेना के साथ 16 मित्र देशों के 38 जवान सवार हैं। इनमें बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मलेशिया, मॉरीशस, सिंगापुर, यूएई, दक्षिण अफ्रीका और थाईलैंड जैसे देश शामिल हैं।
श्रीलंका में होने वाले कार्यक्रम और गतिविधियां
दौरे के दौरान जहाज के कमांडर श्रीलंका नौसेना के बड़े अधिकारियों और कोलंबो में भारतीय उच्चायुक्त से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही दोनों देशों की नौसेना के जवानों के बीच वॉलीबॉल और बास्केटबॉल के मैच भी खेले जाएंगे। जहाज को आम जनता, स्कूली बच्चों और वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी खोला जाएगा। जहाज का क्रू कोलंबो पोर्ट, गैले, कैंडी और पिननवाला जैसे शहरों का दौरा भी करेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
IOS Sagar असल में कौन सा जहाज है?
IOS Sagar वास्तव में भारतीय नौसेना का जहाज INS Sunayna है, जो वर्तमान में हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी तैनाती पर है।
इस मिशन में भारत के अलावा और कौन से देश शामिल हैं?
इस जहाज पर 16 देशों के जवान सवार हैं, जिनमें यूएई, मलेशिया, सिंगापुर, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और मॉरीशस जैसे मित्र देश शामिल हैं।
