दिल्ली की एक अदालत ने कोयला चोरी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने I-PAC के डायरेक्टर विनेश चंडेल को 10 दिनों के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टडी में भेज दिया है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय पर हुई है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव करीब हैं और राजनीतिक माहौल काफी गरमाया हुआ है।

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विनेश चंडेल की गिरफ्तारी और कोर्ट का फैसला क्या है?

विनेश चंडेल, जो Indian PAC Consulting Pvt. Ltd. (I-PAC) के डायरेक्टर और को-फाउंडर हैं, उन्हें 13 अप्रैल 2026 को ED ने गिरफ्तार किया था। इसके अगले ही दिन 14 अप्रैल को दिल्ली की स्पेशल PMLA कोर्ट ने उन्हें 10 दिन की ED कस्टडी में भेज दिया। यह पूरी कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई है।

इस पूरे मामले में असल आरोप क्या हैं?

ED का आरोप है कि कोयला तस्करी करने वाले एक हवाला ऑपरेटर ने I-PAC की रजिस्टर्ड कंपनी में करोड़ों रुपये भेजे थे। यह मामला नवंबर 2020 में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एक FIR से शुरू हुआ था। इसमें पश्चिम बंगाल के कुनुस्तोरिया और काजोरा इलाकों में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की खानों से बड़े पैमाने पर कोयला चोरी होने का आरोप लगाया गया था।

मामले से जुड़े मुख्य लोग और महत्वपूर्ण तारीखें

इस जांच के दौरान कई बड़े नामों और तारीखों का जिक्र सामने आया है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:

नाम / तारीख विवरण
Vinesh Chandel I-PAC डायरेक्टर, जिन्हें ED कस्टडी में भेजा गया
Pratik Jain I-PAC डायरेक्टर, जिनके घर और ऑफिस की जनवरी 2026 में तलाशी ली गई
Rishi Raj Singh I-PAC को-फाउंडर, जिनके बेंगलुरु स्थित ठिकाने पर अप्रैल 2026 में छापेमारी हुई
Vijay Nair पूर्व AAP कम्युनिकेशंस इंचार्ज, जिनके मुंबई स्थित घर पर छापेमारी हुई
Abhishek Banerjee TMC नेता, जिन्होंने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक बताया
23 और 29 अप्रैल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखें
नवंबर 2020 CBI ने कोयला चोरी मामले में पहली FIR दर्ज की थी