ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए ईरान ने एक बड़ा कदम उठाया है। ईरान ने अपनी शर्तों वाला 14 पॉइंट का एक प्रस्ताव अमेरिका को भेजा है। ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ कहा है कि अब इस प्रस्ताव को मानना ही एकमात्र रास्ता बचा है, वरना अमेरिका को भारी नुकसान होगा और उनके टैक्सपेयर्स को इसका भुगतान करना पड़ेगा।

ईरान ने अपनी 14 पॉइंट की लिस्ट में क्या मांगा है?

ईरान ने अपनी मांगों में कुछ मुख्य बातें रखी हैं ताकि झगड़े को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके:

  • लड़ाई बंद करना: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध और लड़ाई को पूरी तरह रोका जाए।
  • रास्ता खोलना: Strait of Hormuz को धीरे-धीरे फिर से खोला जाएगा, जिससे तेल और गैस की आवाजाही फिर से शुरू हो सके।
  • प्रतिबंध हटाना: अमेरिका और दुनिया भर के सभी प्रतिबंध हटाए जाएं और ईरान की जब्त संपत्तियां वापस की जाएं। यह काम शुरुआती समझौते के 30 दिनों के भीतर होना चाहिए।
  • सेना की वापसी: ईरान के आस-पास के इलाकों से अमेरिकी सेना को हटाया जाए और सुरक्षा की गारंटी दी जाए।

परमाणु कार्यक्रम और समय सीमा को लेकर क्या शर्तें हैं?

ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर थोड़ी नरमी दिखाई है। उसने प्रस्ताव दिया है कि वह अपने यूरेनियम के स्टॉक को कम करेगा और उसका कुछ हिस्सा किसी तीसरे देश में भेज देगा। हालांकि, ईरान ने यह साफ कर दिया है कि यह पूरा मामला 30 दिन के अंदर सुलझ जाना चाहिए। वह किसी लंबे समय तक चलने वाले अस्थायी युद्धविराम को स्वीकार नहीं करेगा।

इस पूरे मामले में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत कराने में पाकिस्तान एक मध्यस्थ के तौर पर काम कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने कन्फर्म किया है कि उन्हें ईरान का यह जवाब मिल चुका है। ईरान के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने भी कहा है कि यह 14 पॉइंट का प्लान थोपी गई जंग को हमेशा के लिए खत्म करने की एक कोशिश है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?

ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा है कि अगर 14 पॉइंट के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया गया, तो यह पूरी तरह असफल होगा और अमेरिकी टैक्सपेयर्स को इसका भारी भुगतान करना पड़ेगा।

परमाणु मुद्दे पर ईरान का क्या प्रस्ताव है?

ईरान ने अपने समृद्ध यूरेनियम स्टॉक को कम करने और उसे किसी तीसरे देश में ट्रांसफर करने की बात कही है, बशर्ते बातचीत सफल रहे।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com