ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी अब एक नए मोड़ पर आ गई है। ईरान ने अमेरिका को 14 पॉइंट का एक बड़ा प्रस्ताव भेजा है ताकि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध को पूरी तरह खत्म किया जा सके। इस प्रस्ताव को पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुँचाया गया है और अब सबकी नज़रें वॉशिंगटन के जवाब पर टिकी हैं।

ईरान की 14 शर्तों में क्या-क्या शामिल है

ईरान ने अमेरिका द्वारा पहले दिए गए प्रस्तावों को खारिज कर दिया है और अब अपनी शर्तें रखी हैं। ईरान चाहता है कि युद्ध को रोकने के लिए कोई छोटा या अस्थायी समझौता न किया जाए, बल्कि 30 दिनों के भीतर पूरी तरह से समाधान निकाला जाए। ईरान की मुख्य माँगें नीचे दी गई हैं:

  • सुरक्षा की गारंटी: अमेरिका को यह भरोसा दिलाना होगा कि भविष्य में ईरान पर कोई सैन्य हमला नहीं होगा।
  • सेना की वापसी: अमेरिका को ईरान के आसपास के इलाकों से अपनी सेना हटानी होगी।
  • नाकेबंदी खत्म करना: समुद्र में लगाई गई पाबंदियों और ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी को तुरंत हटाना होगा।
  • संपत्ति की वापसी: विदेश में जमा ईरान की जमी हुई संपत्ति को वापस करना होगा।
  • प्रतिबंधों की समाप्ति: ईरान पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी प्रतिबंध पूरी तरह हटाए जाएँ।
  • मुआवजा: प्रतिबंधों और सैन्य दबाव से ईरान को हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी।
  • हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य: समुद्र के रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए एक नया सिस्टम बनाया जाए जिसमें ईरान के अधिकारों का सम्मान हो।

लेबनान और क्षेत्रीय तनाव पर ईरान का रुख

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह सिर्फ अपनी बात नहीं कर रहा, बल्कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध बंद होना चाहिए। ईरान के संसद के डिप्टी स्पीकर अली निकज़ाद ने कहा कि ईरान और दक्षिणी लेबनान के मोर्चे एक ही हैं, इसलिए लेबनान पर हमले पूरी तरह बंद होने की गारंटी जरूरी है। इसके अलावा, ईरान ने शर्त रखी है कि बातचीत शुरू होने से पहले बंदरगाहों की नाकेबंदी हटे और परमाणु बातचीत को फिलहाल के लिए टाल दिया जाए।

अमेरिका और बड़े नेताओं की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 मई 2026 को बताया कि वह ईरान के इस नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं। इससे पहले ट्रंप ने ईरान के पुराने प्रस्तावों को खारिज कर दिया था और ईरान से गंभीर होने को कहा था। वहीं, ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर काज़ेम ग़रीब आबादी ने कहा कि इस प्रस्ताव का मकसद थोपे गए युद्ध को हमेशा के लिए खत्म करना है। दूसरी तरफ, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य अड्डों को कागजी शेर बताया है। खबर यह भी है कि पिछले 20 दिनों में अमेरिका ने फारस की खाड़ी में अपने 48 जहाजों की दिशा बदली है ताकि ईरानी संपत्तियों पर पाबंदी लागू रखी जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका के सामने मुख्य रूप से क्या माँगा है

ईरान ने सुरक्षा की गारंटी, सभी प्रतिबंधों को हटाना, बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करना और लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध रोकने की माँग की है।

ईरान के इस प्रस्ताव पर अमेरिका का क्या कहना है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के 14 पॉइंट वाले इस नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहे हैं।