ईरान में हाल ही में हुए सैन्य हमलों के बाद वहां की स्थिति को लेकर नए आंकड़े सामने आए हैं। रेड क्रिसेंट की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के भीतर 92,000 से ज्यादा नागरिक इमारतों को नुकसान पहुंचा है। यह रिपोर्ट अल जजीरा द्वारा साझा की गई है जिसमें ईरान में हुई तबाही का ज़िक्र है। इन हमलों के बाद आम लोगों के रहने के ठिकानों पर सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है।

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रेड क्रिसेंट की रिपोर्ट में क्या जानकारी दी गई है?

रेड क्रिसेंट ने अपनी ताजा अपडेट में बताया है कि ईरान में हुए इन हमलों का असर बहुत बड़े स्तर पर हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक 92,000 से अधिक नागरिक बिल्डिंग यूनिट्स अब रहने लायक नहीं बची हैं या उनमें भारी तोड़फोड़ हुई है। इन इमारतों में लोगों के निजी घर और सामुदायिक केंद्र शामिल हैं। संस्था ने साफ किया है कि यह नुकसान मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में हुआ है जहां नागरिक आबादी अधिक थी। इस रिपोर्ट के आने के बाद ईरान में मानवीय संकट बढ़ने की आशंका जताई गई है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए हैं।

हमलों से जुड़े कुछ मुख्य तथ्य और आंकड़े

इन हमलों को लेकर जो जानकारी सार्वजनिक की गई है, उसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • इजरायल और अमेरिका के हमलों में नागरिक संपत्तियों को भारी नुकसान होने की पुष्टि हुई है।
  • कुल क्षतिग्रस्त बिल्डिंग यूनिट्स का आंकड़ा 92,000 के पार चला गया है।
  • यह जानकारी 27 मार्च 2026 को आधिकारिक तौर पर साझा की गई है।
  • रेड क्रिसेंट की यह रिपोर्ट ईरान के प्रभावित इलाकों के जमीनी सर्वे पर आधारित है।
  • आम जनता के बुनियादी ढांचे जैसे बिजली और पानी की सप्लाई पर भी इन हमलों का असर पड़ा है।