EU पर ईरान का बड़ा हमला, कहा 168 बच्चों की मौत पर चुप रहा यूरोप, अब लगा रहा प्रतिबंध

ईरान ने यूरोपीय संघ (EU) के दोहरे रवैये पर जमकर निशाना साधा है। ब्रिटेन में मौजूद ईरान के दूतावास ने एक पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि यूरोप उनके साथ भेदभाव कर रहा है। IRNA न्यूज एजेंसी ने इस बात को आगे बढ़ाते हुए दुनिया के सामने रखा है कि कैसे मासूम बच्चों की जान गई लेकिन EU इस पर चुप रहा।

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यूरोपीय संघ पर क्या आरोप लगाए ईरान ने?

ईरान के दूतावास ने कहा कि Kaja Kallas ने ईरान के फैसलों को गलत बताया लेकिन यूरोप खुद पाखंड कर रहा है। ईरान का दावा है कि उनके 168 स्कूली बच्चों की जान ली गई और पुलों व पानी की सप्लाई करने वाले सिस्टम को निशाना बनाया गया। ईरान के मुताबिक इन हमलों पर EU ने कोई निंदा नहीं की बल्कि ईरान पर ही कड़े प्रतिबंध लगा दिए।

इस विवाद के पीछे की मुख्य बातें क्या हैं?

यह पूरा मामला 21 अप्रैल 2026 को तब चर्चा में आया जब IRNA ने दूतावास की पोस्ट को शेयर किया। इससे पहले Kaja Kallas ने IRGC को आतंकवादी संगठन के रूप में देखने की बात कही थी। वहीं दूसरी तरफ EU की प्रवक्ता Anitta Hipper ने 7 अप्रैल को कहा था कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करना गलत है और इससे मामला और बिगड़ सकता है।

ईरान के राजनयिकों काcoordinated अभियान

ईरान के केवल ब्रिटेन ही नहीं बल्कि दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे स्थित दूतावासों ने भी सोशल मीडिया पर एक जैसा अभियान चलाया। उन्होंने अमेरिका और उसके साथियों पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। ईरान का कहना है कि पश्चिमी देश आम लोगों की जान जाने और बुनियादी ढांचे के तबाह होने पर चुप्पी साधे हुए हैं।