नई दिल्ली में हुई BRICS विदेश मंत्रियों की मीटिंग में काफी हंगामा हुआ। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सीधे तौर पर UAE को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि UAE ने अपनी इजराइल के साथ खास दोस्ती की वजह से मीटिंग के साझा बयान को रुकवाया है।

ईरान ने UAE पर क्या गंभीर आरोप लगाए?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि UAE का इजराइल के साथ एक विशेष रिश्ता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि UAE उन सैन्य ऑपरेशन्स में शामिल रहा जो 28 फरवरी से ईरान के खिलाफ चल रहे हैं। ईरान का कहना है कि उन्होंने UAE की जमीन पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था न कि UAE देश को। अरघची ने UAE को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका और इजराइल के साथ गठबंधन से उसकी सुरक्षा पक्की नहीं होगी।

BRICS मीटिंग में भारत और रूस की क्या भूमिका रही?

इस मीटिंग की मेजबानी भारत ने की थी। सदस्य देशों के बीच मिडिल ईस्ट के मुद्दों पर गहरी असहमति थी, इसलिए भारत ने किसी साझा समझौते के बजाय केवल एक ‘चेयर स्टेटमेंट’ जारी किया। इसमें यह माना गया कि पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर कुछ सदस्यों के विचार अलग थे। मीटिंग के दौरान जब ईरान और UAE के बीच तनाव बढ़ा, तब रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराने की कोशिश की।

UAE ने इन आरोपों पर क्या जवाब दिया?

UAE ने इजराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की कथित गुप्त यात्रा से इनकार किया है। इससे पहले 7 मई को UAE के विदेश मंत्रालय ने ईरान के बयानों को ‘शत्रुतापूर्ण’ बताया था। 13 मई को राष्ट्रपति के सलाहकार Anwar Gargash ने भी साफ किया कि UAE हमेशा कूटनीति और राजनीतिक समाधान के पक्ष में रहता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

BRICS मीटिंग में विवाद की मुख्य वजह क्या थी?

ईरान के विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि UAE ने इजराइल के साथ अपने संबंधों के कारण विदेश मंत्रियों के साझा बयान को ब्लॉक किया।

भारत ने इस मीटिंग के अंत में क्या कदम उठाया?

सदस्य देशों के बीच मतभेद होने के कारण भारत ने साझा समझौते की जगह केवल एक ‘चेयर स्टेटमेंट’ जारी किया।