ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने UAE पर बहुत बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने दिल्ली में हो रही BRICS समिट के दौरान कहा कि UAE, अमेरिका और इसराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ साजिश रच रहा था. ईरान का दावा है कि UAE ने इन हमलों में सक्रिय भूमिका निभाई है और सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ काम किया है.
ईरान ने UAE और इसराइल की गुप्त मीटिंग पर क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्री ने दावा किया कि इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और UAE के राष्ट्रपति Mohammed bin Zayed Al Nahyan के बीच एक गुप्त मीटिंग हुई थी. Araghchi ने इस गठबंधन को माफ न करने लायक बताया और कहा कि जो लोग इसराइल के साथ मिलकर फूट डाल रहे हैं, उन्हें जवाब देना होगा. उन्होंने UAE को चेतावनी दी कि अमेरिकी सैन्य बेस या इसराइल से दोस्ती उन्हें सुरक्षा नहीं दिला पाएगी. दूसरी तरफ, UAE के विदेश मंत्रालय ने इस गुप्त मीटिंग और किसी भी इसराइली सैन्य प्रतिनिधि के आने की खबरों को पूरी तरह नकार दिया है.
Hormuz जलडमरूमध्य और सुरक्षा को लेकर क्या है अपडेट?
- व्यापारिक जहाज: ईरान ने साफ किया है कि Hormuz Strait सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है, बस उन्हें ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करना होगा.
- अमेरिका पर आरोप: ईरान ने अमेरिका पर बदनीयती का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका की इसी आदत की वजह से युद्ध खत्म होने में दिक्कत आ रही है.
- बड़े देशों की राय: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने इस मुद्दे पर चर्चा की है. दोनों इस बात पर सहमत हुए हैं कि ऊर्जा की सप्लाई के लिए इस रास्ते को खुला रखना जरूरी है.
ओमान तट पर भारतीय जहाज पर हमले का क्या मामला है?
13 मई 2026 को ओमान के तट के पास एक भारतीय जहाज पर हमला हुआ. भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और इस हमले को बिल्कुल अस्वीकार्य बताया है. इस बीच ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक वित्तीय प्रोटोकॉल की बात भी की है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने UAE पर क्या गंभीर आरोप लगाया है?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि UAE, अमेरिका और इसराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ हमलों में एक सक्रिय भागीदार रहा है.
भारतीय जहाज पर हमला कहाँ और कब हुआ?
13 मई 2026 को ओमान के तट के पास एक भारतीय जहाज पर हमला हुआ था, जिसे भारत के विदेश मंत्रालय ने अस्वीकार्य बताया है.
