ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर काफी बढ़ गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर 8 अप्रैल 2026 को हुए सीजफायर समझौते को तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। यह आरोप ईरान के होरमुज़गान प्रांत में सोमवार 25 मई 2026 को हुए हमलों के बाद लगाया गया है, जहां बंदर अब्बास सहित कई इलाकों में तेज धमाके सुने गए थे। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है और क्षेत्र में शांति बहाली की कोशिशों को झटका लगा है।
ईरान ने लगाया सीजफायर उल्लंघन का आरोप, अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा
ईरान के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार 26 मई 2026 को बयान जारी कर कहा कि अमेरिका ने पिछले 48 घंटों में होरमुज़गान प्रांत में सीजफायर समझौते का खुला उल्लंघन किया है। ईरान का दावा है कि 8 अप्रैल को लागू हुए सीजफायर के बाद से ही अमेरिकी सेना उनके व्यापारिक जहाजों के खिलाफ समुद्री डकैती जैसी हरकतों में शामिल रही है। इस बीच, ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने घोषणा की है कि उनकी वायु सेना ने ईरानी सीमा में प्रवेश करने वाले एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है और एक लड़ाकू विमान पर भी हमला किया है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने चेतावनी दी है कि अब अमेरिकी सेना के लिए इस क्षेत्र में कोई सुरक्षित जगह नहीं बचेगी।
अमेरिकी सेना की सफाई और राष्ट्रपति ट्रंप का कड़ा रुख
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने सोमवार 25 मई 2026 को दक्षिणी ईरान में आत्मरक्षा के तहत हवाई हमले किए थे। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों में उन मिसाइल लॉन्च साइटों और नावों को निशाना बनाया गया जो पानी में बारूदी सुरंगें बिछाने का प्रयास कर रही थीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान के साथ बातचीत अच्छे से चल रही है, लेकिन अगर यह बातचीत विफल होती है तो नए हमले किए जा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि इस समुद्री मार्ग को हर हाल में खोला जाना जरूरी है।
शांति बनाए रखने के लिए मध्यस्थ देशों की कोशिशें तेज
इस बड़े विवाद के बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव को कम करने के प्रयास शुरू हो गए हैं। कतर के प्रधानमंत्री और पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थता कर रहे हैं। वर्तमान में ईरान के मुख्य वार्ताकार और विदेश मंत्री दोहा में मौजूद हैं, जहां सीजफायर को 60 दिनों के लिए बढ़ाने और होरमुज जलमार्ग को धीरे-धीरे खोलने के लिए बातचीत चल रही है। इस बीच, चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सभी पक्षों से सीजफायर समझौते का पालन करने और बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाने की अपील की है ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाया है?
ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने 8 अप्रैल 2026 को हुए सीजफायर का उल्लंघन कर होरमुज़गान प्रांत में हमले किए हैं और उनके व्यापारिक जहाजों को परेशान किया है।
इस हवाई हमले पर अमेरिकी सेना का क्या कहना है?
अमेरिकी सेना (CENTCOM) के अनुसार, उन्होंने 25 मई 2026 को मिसाइल लॉन्च साइटों और बारूदी सुरंग बिछाने वाली नावों पर आत्मरक्षा में हमले किए थे।
ईरान की सेना ने किस अमेरिकी सैन्य उपकरण को मार गिराने का दावा किया है?
ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उनके हवाई रक्षा सिस्टम ने ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसने वाले एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है।