ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और इसराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि ये दोनों देश पिछले 20 साल से परमाणु कार्यक्रम के नाम पर दुनिया को डरा रहे हैं. दूसरी तरफ अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना पूरा कंट्रोल होने का दावा किया है. इस पूरे तनाव के बीच पाकिस्तान बीच-बचाव की कोशिश कर रहा है.

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क्या ईरान परमाणु बम बनाना चाहता है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि उनका देश परमाणु बम नहीं बनाना चाहता. उन्होंने साफ किया कि अगर ईरान की ऐसी कोई मंशा होती, तो वह अब तक इसे बना चुका होता. वहीं अमेरिका की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि बातचीत सिर्फ परमाणु मुद्दे पर होगी और ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम सौंपना होगा ताकि वह दुनिया के लिए खतरा न बने.

होर्मुज जलडमरूमध्य और जहाजों की नाकेबंदी का क्या हाल है?

अमेरिकी सैन्य बल CENTCOM ने बताया कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के बाद 31 जहाजों का रास्ता बदला गया. अमेरिका ने हिंद महासागर में ईरान का तेल ले जा रहे Majestic X नाम के टैंकर को भी जब्त कर लिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि जब तक डील नहीं होगी, कोई भी जहाज अमेरिकी नौसेना की मंजूरी के बिना यहाँ से नहीं गुजर सकता. पेंटागन ने बताया कि समुद्र से बारूदी सुरंगें हटाने में 6 महीने तक का समय लग सकता है.

युद्धविराम और बातचीत पर क्या है ईरान का कहना?

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि ब्लॉक और धमकियों की वजह से असली बातचीत में रुकावट आ रही है. संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि जब तक समुद्री नाकेबंदी खत्म नहीं होगी और अर्थव्यवस्था को बंधक बनाना बंद नहीं होगा, तब तक युद्धविराम का कोई मतलब नहीं है. ईरान ने इस मामले में पाकिस्तान द्वारा की जा रही मध्यस्थता की तारीफ की है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.