ईरान ने अमेरिका और इसराइल पर अपने क्षेत्र में बार-बार सैन्य हमले करने का गंभीर आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei के अनुसार, जून 2025 से लेकर जुलाई 2026 के बीच तीन बार ईरान पर हमले किए गए। इन घटनाओं में परमाणु केंद्रों, सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, जिससे क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।

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हमलों का पूरा विवरण

ईरान द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, पहला हमला 13 जून 2025 को इसराइल के ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत हुआ, जिसके बाद 22 जून को अमेरिका ने भी हमले किए। इसके बाद 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ चलाया, जिसका उद्देश्य ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को नुकसान पहुंचाना था। तीसरा हमला जुलाई 2026 में हुआ, जो पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए शांति समझौते के कुछ दिनों बाद ही किया गया।

भारी जानमाल का नुकसान और सरकारी प्रतिक्रिया

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि जुलाई 2026 में हुए हमलों के दौरान 11 दिनों में 53 लोगों की मौत हुई और लगभग 600 लोग घायल हुए। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर का उल्लंघन बताया है। सेना के प्रवक्ता Mohammad Akraminia ने चेतावनी दी कि ईरान अपनी रक्षा करने में सक्षम है और आगे किसी भी हमले का जवाब पहले से कहीं अधिक कठोर तरीके से दिया जाएगा। दूसरी ओर, अमेरिका और इसराइल का कहना है कि वे ईरान की मिसाइल क्षमता को कम करने और प्रॉक्सी समूहों के समर्थन को रोकने के लिए ये कार्रवाई कर रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.