ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर अमेरिका और इसराइल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने मिनाब शहर के एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले को अमेरिकी और इसराइली अपराधों का एक बड़ा उदाहरण बताया है। ईरान का कहना है कि इस हमले में मासूम बच्चों और शिक्षकों को निशाना बनाया गया, जिसे किसी भी सैन्य या राजनीतिक तर्क से सही नहीं ठहराया जा सकता है।

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मिनाब स्कूल हमले में क्या हुआ था और कितने लोगों की जान गई?

ईरान के होर्मोज़गान प्रांत के मिनाब में स्थित शजरेह तैयबा प्राइमरी स्कूल पर 28 फरवरी 2026 को एक भयानक मिसाइल हमला हुआ था। इस हमले के समय स्कूल में पढ़ाई चल रही थी। मिसाइल गिरने की वजह से स्कूल की इमारत तबाह हो गई और इसमें लगभग 168 से 170 मासूम छात्र और उनके शिक्षक मारे गए थे। ईरान इस हमले के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इसराइल को जिम्मेदार मानता आ रहा है।

अमेरिकी सेना के दावों को ईरान ने किया पूरी तरह खारिज

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने दावा किया था कि जिस स्कूल पर हमला हुआ वह असल में एक मिसाइल लॉन्च करने की जगह थी। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने अमेरिकी सेना के इस दावे को पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने कहा कि स्कूल जैसी चालू शैक्षणिक संस्था पर पढ़ाई के दौरान हमला करना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन और एक बड़ा युद्ध अपराध है।

स्कूल की जगह पर बनेगा राष्ट्रीय स्मारक और म्यूजियम

ईरान के शिक्षा मंत्री अलीरेजा काज़ेमी ने घोषणा की है कि शजरेह तैयबा प्राइमरी स्कूल की इस ऐतिहासिक इमारत को अब एक राष्ट्रीय स्मारक और म्यूजियम के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। इसके साथ ही बच्चों की याद में एक नया स्कूल बनाने के लिए केवसर ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमैनिटी रिलीफ एंड डेवलपमेंट के साथ एक समझौता भी किया गया है ताकि मारे गए मासूम बच्चों की यादों को हमेशा जीवित रखा जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मिनाब स्कूल पर मिसाइल हमला कब हुआ था?

ईरान के होर्मोज़गान प्रांत के मिनाब में शजरेह तैयबा प्राइमरी स्कूल पर यह मिसाइल हमला 28 फरवरी 2026 को हुआ था।

इस हमले में कुल कितने लोगों की मौत हुई थी?

इस दर्दनाक मिसाइल हमले में लगभग 168 से 170 स्कूली बच्चे और उनके शिक्षक मारे गए थे।

ईरान सरकार अब इस प्रभावित स्कूल की जगह क्या करने जा रही है?

ईरान के शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, हमले वाली जगह की पुरानी स्कूल इमारत को राष्ट्रीय स्मारक और म्यूजियम में बदला जाएगा, और एक नया स्कूल भी बनाया जाएगा।