ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने अमेरिका पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रवक्ता का कहना है कि युद्ध के पहले ही दिन यानी 28 फरवरी 2026 को ईरान के Lamerd शहर में एक स्पोर्ट्स हॉल पर अमेरिकी मिसाइल से बड़ा हमला किया गया था। इस भीषण हमले में कुल 24 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें एक दो साल की मासूम बच्ची और वॉलीबॉल खेलने वाली कई किशोर लड़कियां शामिल थीं। ईरान इस हमले को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका को घेरने की तैयारी कर रहा है।

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Lamerd स्पोर्ट्स हॉल हमले में क्या हुआ था और कितने लोग मारे गए?

यह हमला Fars प्रांत के Lamerd शहर में बने एक स्पोर्ट्स हॉल पर हुआ था। उस समय वहां महिलाओं की वॉलीबॉल टीम अभ्यास कर रही थी। ईरानी प्रवक्ता के अनुसार, हमले में अमेरिकी Precision Strike Missile (PrSM) का इस्तेमाल किया गया था। यह मिसाइल जमीन पर गिरने से ठीक पहले हवा में ही फट गई और इससे निकले 1 लाख 80 हजार बेहद तेज रफ्तार टंगस्टन के छर्रों ने चारों तरफ तबाही मचा दी। इस हमले में 24 लोगों की मौत हुई और 130 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। द न्यूयॉर्क टाइम्स और बीबीसी जैसी स्वतंत्र जांच एजेंसियों ने भी मलबे की जांच कर अमेरिकी PrSM मिसाइल के इस्तेमाल की पुष्टि की है।

अमेरिका और इसराइल का इस गंभीर आरोप पर क्या जवाब है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता Tim Hawkins ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि अमेरिकी सेना ने उस समय उस इलाके में कोई हमला नहीं किया था। अमेरिका का दावा है कि जो मलबा मिला है, वह ईरान की अपनी Hoveyzeh क्रूज मिसाइल जैसा दिखता है। इसके साथ ही इसराइल ने भी 28 फरवरी 2026 को Lamerd पर कोई भी हमला करने की बात से इनकार किया है। हालांकि, ईरान का कहना है कि वह इस मामले को सक्षम अदालत के सामने लेकर जाएगा और दोषियों को सजा दिलाकर रहेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Lamerd स्पोर्ट्स हॉल पर हमला कब हुआ था और कितना नुकसान हुआ था?

यह हमला 28 फरवरी 2026 को हुआ था। ईरान के दावों के अनुसार, इस हमले में 24 निर्दोष लोगों की जान गई थी और 130 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

अमेरिका ने इस मिसाइल हमले पर क्या सफाई दी है?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हमले की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है और कहा है कि घटनास्थल पर मिला मलबा ईरान की खुद की Hoveyzeh क्रूज मिसाइल जैसा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.