ईरान के विदेश मंत्री ने दुनिया के सभी देशों से अपील की है कि वे अमेरिका की समुद्री डकैती की निंदा करें. ईरान का कहना है कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों को तोड़कर उनके जहाजों को जबरन रोका है. इस विवाद के बाद अब दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है.

अमेरिका ने ईरान के साथ क्या किया?

  • ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने समुद्र में उनके जहाजों को जबरन रोका है, जिसे वे समुद्री डकैती कह रहे हैं.
  • ईरान के मुताबिक M.T. Majestic और M.T. Tiffany नाम के दो जहाजों को जब्त किया गया.
  • ईरान का दावा है कि अमेरिका ने इन जहाजों से 3.8 मिलियन बैरल तेल चुरा लिया है.
  • US Central Command ने जानकारी दी कि उनकी नाकाबंदी की वजह से ईरान के चाबहार पोर्ट पर 20 से ज्यादा जहाज खड़े हैं.
  • ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने अमेरिका के दावों को समुद्री लूटपाट का कानूनी रूप देना बताया है.

ईरान ने अब क्या कदम उठाए हैं?

  • ईरान के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि Amir Saeid Iravani ने UN और सुरक्षा परिषद को एक पत्र लिखा है.
  • उन्होंने कहा कि जहाजों को जब्त करना अंतरराष्ट्रीय व्यापार में गैरकानूनी दखल है और यह UN चार्टर का उल्लंघन है.
  • ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका की यह नाकाबंदी जारी रही, तो उसका जवाब बहुत कड़ा और अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई से दिया जाएगा.
  • ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) से भी इस मामले में सख्त कदम उठाने की मांग की है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका पर किन जहाजों को जब्त करने का आरोप लगाया है?

ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने M.T. Majestic और M.T. Tiffany नाम के दो जहाजों को जब्त किया और उनसे 3.8 मिलियन बैरल तेल ले लिया.

ईरान की सेना ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?

ईरान की सेना ने कहा है कि अगर अमेरिका ने समुद्री नाकाबंदी जारी रखी, तो ईरान इसकी प्रतिक्रिया में अभूतपूर्व और कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.