ईरान के परमाणु संगठन Atomic Energy Organisation of Iran (AEOI) ने रविवार, 19 जुलाई 2026 को अमेरिका पर एक गंभीर आरोप लगाया है। ईरान का दावा है कि अमेरिका ने उनके दक्षिण-पश्चिमी Khuzestan प्रांत में बन रहे Darkhovin परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हमला किया है। यह घटना स्थानीय समय के अनुसार सुबह करीब 3:39 बजे हुई। ईरान ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।

परमाणु संयंत्र और मौजूदा तनाव

Darkhovin संयंत्र, जिसे Karun के नाम से भी जाना जाता है, पर काम दिसंबर 2022 में शुरू हुआ था। इसकी क्षमता 300-मेगावाट बिजली उत्पादन की है। ईरान इसे अपनी वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक मानता है। यह कथित हमला उस समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनाव काफी अधिक है। अमेरिका लगातार ईरान समर्थित ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई कर रहा है, जो जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद शुरू हुई थी।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर

इस बीच, ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने अहवाज़ के पास एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है। इन घटनाओं के बावजूद, जून 2026 में पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ था, लेकिन ताजा तनाव ने शांति की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। अभी तक अमेरिका की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.