ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है। ईरान का दावा है कि अमेरिकी सेना ने फार्स प्रांत के लामेर्ड शहर में एक स्पोर्ट्स हॉल पर मिसाइल हमला किया था, जिसमें बच्चों सहित कई लोगों की जान चली गई थी। इस मामले को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है, हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
ईरान ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाए हैं?
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाए ने 25 मई 2026 को सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 28 फरवरी 2026 को हुए इस मिसाइल हमले में 24 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें एक दो साल की बच्ची और कई किशोर वॉलीबॉल खिलाड़ी शामिल थे। इसके अलावा इस हमले में 130 से अधिक लोग घायल हुए थे। ईरान का दावा है कि अमेरिका ने जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाने के लिए एक नए हथियार का इस्तेमाल किया था और वह इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाएगा।
अमेरिकी सेना ने आरोपों पर क्या सफाई दी?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता ने ईरान के इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। अमेरिकी सेना की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि अमेरिकी बलों ने लामेर्ड या उसके आसपास के 30 मील के दायरे में कोई हमला नहीं किया। अमेरिका का कहना है कि जिस मिसाइल के टुकड़े दिखाए जा रहे हैं, वे ईरान की अपनी ही होवेइज़ह क्रूज मिसाइल के हो सकते हैं। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेना आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के अनुसार यह मिसाइल हमला कब और कहां हुआ था?
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, यह कथित मिसाइल हमला 28 फरवरी 2026 को ईरान के फार्स प्रांत के लामेर्ड शहर में एक स्पोर्ट्स हॉल पर हुआ था।
इस हमले को लेकर अमेरिका का क्या कहना है?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस हमले में शामिल होने की बात से साफ इनकार किया है और कहा है कि उनके बलों ने लामेर्ड क्षेत्र में कोई हवाई हमला नहीं किया।