ईरान का अमेरिका पर बड़ा आरोप: तेल के लिए देश को बांटने की रची जा रही है साजिश
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने सोमवार 9 मार्च 2026 को अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अमेरिका और इज़राइल ईरान को छोटे हिस्सों में बांटना चाहते हैं ताकि देश के विशाल ऊर्जा भंडार पर अवैध कब्ज़ा किया जा सके। ईरान का मानना है कि यह सब देश की संप्रभुता को खत्म करने और लोगों को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है।
अमेरिका और तेल भंडार को लेकर ईरान के दावे
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईरान ने दावा किया कि अमेरिका की नज़र पूरी तरह से ईरान के तेल पर है। ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका ने ईरान और वेनेजुएला दोनों देशों के तेल पर नियंत्रण कर लिया, तो उसके पास दुनिया के 31 प्रतिशत तेल संसाधनों का कब्ज़ा हो जाएगा। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि वाशिंगटन ने कूटनीतिक बातचीत को जानबूझकर खराब किया है, जो सैन्य हमले शुरू होने से ठीक पहले प्रगति पर थी। वर्तमान में जारी इस संघर्ष को ईरान ने अपने अस्तित्व के लिए एक मजबूरी बताया है।
- अमेरिका की रणनीति ईरान को बांटकर उसके ऊर्जा संसाधनों पर कब्ज़ा करना है।
- अमेरिका और इज़राइल पर ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।
- ईरान ने चेतावनी दी है कि लगातार जारी हमलों के कारण दुनिया में कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।
- ईरान ने अमेरिका और इज़राइल पर UN Charter के नियमों को तोड़ने का भी औपचारिक आरोप लगाया है।
नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति और ताज़ा हालात
इन तनावपूर्ण हालात के बीच, ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने 56 वर्षीय Mojtaba Khamenei को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है। दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि वह ईरान के नए नेतृत्व पर अपना प्रभाव डालना चाहते हैं। ईरान ने तुर्किये, साइप्रस या अज़रबैजान पर हमले की खबरों को सिरे से खारिज किया है।
ईरान के अनुसार यह बाहरी हमले की घटनाएं दुश्मनों द्वारा रची गई साजिश हो सकती हैं ताकि इलाके में तनाव बढ़ाया जा सके। इसके साथ ही ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि जब तक सैन्य हमले जारी हैं, तब तक सीजफायर या युद्धविराम पर कोई भी बातचीत नहीं होगी।





