अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने अप्रैल में हुए युद्धविराम (ceasefire) का उल्लंघन करते हुए उसके जहाजों और तटीय इलाकों पर हमले किए हैं। इस घटना के बाद ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव को पत्र लिखकर इस गंभीर स्थिति की जानकारी दी है।

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अमेरिका ने किन जहाजों पर किया हमला और क्या था कारण

अमेरिकी सैन्य कमान CENTCOM ने पुष्टि की है कि उनकी सेना ने ईरान के दो तेल टैंकरों, M/T Sea Star III और M/T Sevda पर हमला किया। अमेरिका का कहना है कि ये जहाज अमेरिकी नाकाबंदी (blockade) का उल्लंघन कर रहे थे और उन्हें ईरानी बंदरगाह पर पहुंचने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई। इन जहाजों के धुएं वाले हिस्से (smokestacks) पर सटीक मिसाइलों से हमला किया गया ताकि वे खराब हो जाएं और आगे न बढ़ सकें।

ईरान की UN को शिकायत और दुनिया की प्रतिक्रिया

ईरान के UN राजदूत Amir Saeid Iravani ने UN महासचिव António Guterres और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को पत्र भेजा। ईरान का कहना है कि 7 और 8 मई 2026 को हुए ये हमले 8 अप्रैल 2026 को हुए युद्धविराम का सीधा उल्लंघन हैं। ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों और UN चार्टर के खिलाफ बताया है। वहीं, UN चीफ ने इस घटना पर चिंता जताई है और दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है ताकि मामला और न बिगड़े। इस पूरे विवाद में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी जिसने अप्रैल में युद्धविराम करवाया था।

ट्रम्प की चेतावनी और नए अमेरिकी प्रतिबंध

अमेरिकी राष्ट्रपति Trump ने कहा कि युद्धविराम अभी भी लागू है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान शांति प्रस्ताव स्वीकार नहीं करता है तो और भी सख्त हमले किए जा सकते हैं। विदेश मंत्री Marco Rubio ने बताया कि अमेरिका अभी ईरान के जवाब का इंतज़ार कर रहा है। इसी बीच अमेरिकी खजाना विभाग (Treasury Department) ने ईरान के ड्रोन और मिसाइल प्रोग्राम की मदद करने वाले 10 लोगों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान के टैंकरों पर हमला क्यों किया

US CENTCOM के मुताबिक, M/T Sea Star III और M/T Sevda टैंकर अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहे थे। उन्हें ईरानी बंदरगाह पर रुकने से रोकने के लिए उन पर हमला किया गया।

ईरान ने इस मामले में UN से क्या कहा

ईरान के राजदूत ने UN को बताया कि यह हमला 8 अप्रैल के युद्धविराम का उल्लंघन है और यह अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए एक गंभीर खतरा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.