अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। अमेरिका ने ईरान के तटीय इलाकों में सैन्य हमले किए हैं, जिसके बाद ईरान ने अमेरिका पर शांति समझौते को तोड़ने का बड़ा आरोप लगाया है। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच जवाबी हमलों का दौर शुरू हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में डर का माहौल है।

घटना की शुरुआत 26 जून 2026 को हुई, जब अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन स्टोरेज और तटीय रडार साइटों पर हवाई हमले किए। अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि यह कार्रवाई M/V Ever Lovely नाम के एक कमर्शियल जहाज पर हुए ड्रोन हमले का जवाब थी। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में इस जहाज पर हमला कर युद्धविराम के नियमों को तोड़ा था।

इस हमले के अगले ही दिन, 27 जून को ईरान के विदेश मंत्रालय और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसे अमेरिका की तरफ से धोखा बताया। ईरान ने कहा कि अमेरिका ने युद्ध खत्म करने के लिए किए गए समझौते (MoU) का सीधा उल्लंघन किया है। जवाबी कार्रवाई करते हुए IRGC ने इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए और चेतावनी दी कि अगर दोबारा ऐसी हरकत हुई तो जवाब और भी बड़ा होगा।

बता दें कि दोनों देशों के बीच 18 जून 2026 को पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक 14 पॉइंट का समझौता हुआ था। इस समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने डिजिटल साइन किए थे। इस डील का मकसद दुश्मनी खत्म करना, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और ईरान पर लगे अमेरिकी नौसैनिक प्रतिबंधों को हटाना था।

दोनों देशों के बयानों में टकराव

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प: उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने जहाजों पर ड्रोन हमला कर समझौते का बेवकूफी भरा उल्लंघन किया है।
  • ईरानी विदेश मंत्रालय: मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को बर्बर बताया और कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के नियमों के खिलाफ है।
  • अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैन्स: उन्होंने कहा कि अगर ईरान को समझौते पर कोई आपत्ति थी, तो वह फोन कर बात कर सकता था, लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से ही मिलेगा।
  • ईरानी सांसद: ईरान के सांसदों ने सरकार से मांग की है कि अमेरिका को उसकी इस हरकत के लिए कड़ा सबक सिखाया जाए।

इन सैन्य हमलों और आरोपों के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव फिर से बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने भी इस इलाके में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के प्रयासों को फिलहाल रोक दिया है। हालांकि, इस भारी तनाव के बीच खबरें आ रही हैं कि दोनों देशों के बीच बातचीत के दरवाजे अभी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.