ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) को आधिकारिक तौर पर सूचित किया है कि अमेरिका ने उनके दो खोज और बचाव जहाजों पर हमला किया है। यह घटना 23 जुलाई 2026 की सुबह Hormozgan प्रांत के समुद्री क्षेत्र में हुई थी। ईरान का कहना है कि Naji-15 और Naji-16 नाम के इन जहाजों को जानबूझकर निशाना बनाया गया, जिससे इन्हें काफी नुकसान पहुंचा है।

ℹ️: Saudi Arabia: यमनी सेना का सऊदी बेस पर बड़ा हमला, किंग खालिद एयर बेस को बनाया निशाना.

ईरान ने दी आधिकारिक शिकायत

ईरान के डिप्टी UN दूत Ambassador Gholamhossein Darzi ने इस मामले को लेकर UN महासचिव, सुरक्षा परिषद और रेड क्रॉस जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के पास शिकायत दर्ज कराई है। ईरान के अनुसार, ये जहाज मानवीय सेवा में लगे थे और इनका सैन्य गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं था। ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समुद्र के नियमों का गंभीर उल्लंघन करार दिया है।

तनाव के बीच अमेरिका का रुख

मौजूदा हालात पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि उनकी सरकार ईरान के साथ बातचीत कर रही है और अभी कोई बड़ा हमला करने का अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। वहीं, अमेरिका के डेमोक्रेटिक सीनेटर Tim Kaine ने सरकार की आलोचना करते हुए इसे अवैध युद्ध बताया है। तनाव के इस दौर में ईरान के कमांडर Major General Ali Abdollahi ने चेतावनी दी है कि वे हर ईरानी नागरिक की मौत का बदला एक अमेरिकी सैनिक को निशाना बनाकर लेंगे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.