ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 16 जुलाई 2026 को अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के जरूरी बुनियादी ढांचे जैसे रेलवे पुल और पानी के टैंकों पर हमला करके युद्ध अपराध किए हैं। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर और 1949 के Geneva Conventions का सीधा उल्लंघन है।
तनाव में बढ़ोतरी और जवाबी हमले
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने धमकी दी है कि अगर ईरान अगले हफ्ते तक बातचीत के लिए तैयार नहीं होता है, तो वे ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाएंगे। उन्होंने Revolutionary Guard Corps को भी खत्म करने की बात कही है। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए। कुवैत की सेना ने पुष्टि की कि उन्होंने कुछ ड्रोन को मार गिराया है।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की चिंता
इस पूरे मामले पर दुनिया भर में चिंता का माहौल है। International Committee of the Red Cross की अध्यक्ष Mirjana Spoljaric Egger ने कहा कि जरूरी ढांचे पर हमला करना सीधे तौर पर आम नागरिकों पर हमला है। वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने International Criminal Court (ICC) को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इस बीच, कतर और पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिशें भी की जा रही हैं।
